उर्दू-बांग्ला TET अभ्यर्थियों का JDU दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, पटना में पुलिस के झड़प, 10 सालों से रिजल्ट जारी करने की कर रहे है मांग

उर्दू-बांग्ला TET अभ्यर्थियों का JDU दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, पटना में पुलिस के झड़प, 10 सालों से रिजल्ट जारी करने की कर रहे है मांग

पटनाः राजधानी पटना में टीईटी उर्दू के अभ्यर्थियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पटना में जनता दल यूनाइटेड के कार्यालय के पास उर्दू अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। हालांकि, धीरे-धीरे छात्रों का यह प्रदर्शन काफी तेज हो गया। इस दौरान अभ्यर्थियों के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। इन अभ्यर्थियों का कहना था कि वो पिछले 10 सालों से रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।

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टीईटी अभ्यर्थियों के इस प्रदर्शन को देखते हुए वहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा जदयू कार्यालय में तालाबंदी भी कर दी गई है। उर्दू-बांग्ला टीईटी के अभ्यर्थियों का कहना था कि 10 साल हो गए लेकिन अब तक उनका रिजल्ट नहीं प्रकाशित किया गया है। उनका कहना था कि वो पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं।

 

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एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'साल 2013 में हमलोगों का रिजल्ट आया था। मेरिट लिस्ट में नाम भी आया। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का ओपिनियन भी हमारे पक्ष में ही आया था। हमलोगों को नीतीश कुमार से आश्वासन भी मिला था। लेकिन अब 12 साल हो गए। हमलोग कई बार लाठी खा चुके हैं लेकिन आज तक हमलोगों का रिजल्ट जारी नहीं हुआ। नाराज छात्रों का कहना था कि हम इधर-उधर भटक रहे हैं। अगर हमारा रिजल्ट जारी नहीं किया गया तो हम यहीं जेडीयू कार्यालय के बाहर आत्मदाह करेंगे।

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प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी सीएम नीतीश कुमार से मिलने की जिद पर अड़े हुए थे। अभ्यर्थी लगातार यहां नारेबाजी कर रहे थे। इस प्रदर्शन में कई युवतियां भी नजर आईं। यहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इस उर्दू-बांग्ला टीईटी अभ्यर्थियों के छात्रों में तख्तियां नजर आ रही थी। बताया जा रहा है कि इन अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 12 हजार है।

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क्या बोले अभ्यर्थी…
एक अभ्यर्थी ने कहा कि रिजल्ट दिए जाने के बाद उर्दू-बांग्ला विशेष टीचर के लिए हमलोगों को पंचायत स्तर और जिला स्तर और प्रखंड स्तर पर आवेदन करवाया गया था। मेरिट लिस्ट में नाम भी आ गया था कि हमलोगों को अब अलग-अलग स्कूल में ज्वाइन करना है। लेकिन कुछ दिनों बाद हमलोगों को फेल कर दिया गया। हमलोगों को नीतीश कुमार से उम्मीद है कि वो रिजल्ट जारी कर हमारी ज्वाइनिंग कराएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई एक महिला ने कहा कि अल्पसंख्यक समझ कर हमारे साथ इंसाफ नहीं किया गया। जनरल में रहते तो शायद हो जाता। हम मुस्लिमों के साथ नाइंसाफी हो रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि हमें पास करने के बाद फेल कर दिया गया। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है।

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