UGC-NET 2026: तीन विषयों की परीक्षा दोबारा, राहुल गांधी ने NTA और मोदी सरकार पर साधा निशाना

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August 17, 2026

नई दिल्ली: UGC-NET जून 2026 परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। NTA ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NTA पर तीखा हमला बोला है।

NTA ने 16 अगस्त 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना में बताया कि UGC-NET जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद जांच के लिए समिति बनाई गई थी।

प्रश्नपत्रों में मिलीं कई खामियां

NTA की ओर से गठित समिति ने अपनी जांच में तीनों प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी कई त्रुटियां पाईं। इनमें प्रमुख विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग, किताबों के शीर्षकों में गड़बड़ी, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां, व्याकरण संबंधी गलतियां, जेंडर और नंबर एग्रीमेंट की समस्याएं तथा विराम चिह्नों की गलतियां शामिल थीं।

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इसके अलावा स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्दों के इस्तेमाल और पहले पूछे जा चुके कई प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी सामने आई। समिति ने निष्पक्ष परीक्षा के लिए इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की सिफारिश की।

NTA ने कहा कि इतनी व्यापक खामियों को केवल Answer Key Challenge के बाद प्रश्न हटाकर दूर नहीं किया जा सकता। इसलिए तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है।

सितंबर में दोबारा होगी परीक्षा

NTA के अनुसार—

  • अंग्रेजी: 9 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • कॉमर्स: 9 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक
  • समाजशास्त्र: 10 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

परीक्षा के शहर, परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

राहुल गांधी ने पूछा- क्या परीक्षा से पहले पेपर लीक हुआ था?

NTA के फैसले पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार और NTA को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि समाजशास्त्र, अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच हुई थी और करीब दो महीने बाद NTA ने तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा कराने का फैसला किया है।

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राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, परीक्षा फॉर्म भरे, फीस जमा की और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की, लेकिन अब उन्हें सितंबर में पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी होगी।

उन्होंने लिखा कि “NTA ने गलती की, लेकिन सजा छात्र भुगत रहा है।”

‘यह शिक्षा व्यवस्था नहीं, extraction machine है’

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी छात्रों की समस्याओं का मुद्दा उठाया है और आगे भी इसे उठाते रहेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों का पैसा, सालों की मेहनत, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास लेती है, लेकिन बदले में नौकरी तक नहीं देती। राहुल गांधी ने इसे “extraction machine” करार दिया।

पेपर लीक को लेकर भी उठाया सवाल

राहुल गांधी ने NTA से सवाल किया कि क्या इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुए थे। उन्होंने कहा कि NTA को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।

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उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से आगे बढ़ते हुए NTA के नेतृत्व को भी जवाबदेह ठहराने की बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को दोष देने के बजाय परीक्षा व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा कि “आप समस्या नहीं हैं।” साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों के वर्षों की मेहनत को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा और जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब नहीं मिलता, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।

84 विषयों के परिणाम पर असर नहीं

NTA ने स्पष्ट किया है कि बाकी 84 विषयों के लिए Answer Key Challenge की प्रक्रिया जारी रहेगी और उनका परिणाम तय कार्यक्रम के अनुसार घोषित किया जाएगा। इन विषयों के JRF सीट आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर तथा PhD प्रवेश के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने में तीन विषयों की री-एग्जाम का असर नहीं पड़ेगा।

अब निगाहें सितंबर में होने वाली दोबारा परीक्षा और इस दौरान परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर टिकी हैं।

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