डेस्कः बॉलीवुड के बड़े गायब उदित नारायण एक बार फिर से विवादों में है। उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण ने सुपौल की महिला थाने में आवेदन देकर उदित नारायण, उनके दो भाई और दूसरी पत्नी पर गंभीर अपराधिक आरोप लगाया। अपने अधिवक्ता करुणाकांत झा के साथ महिला थाना पहुंची रंजना ने आरोप लगाया कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत उनका गर्भाशय निकलवाया गया, जिसकी जानकारी उन्हें वर्षों बाद इलाज के दौरान हुई।
वेलेंटाइन वीक में प्रेमिका का आईफोन बचाने 6 फीट नाले में कूदा प्रेमी, तलाश के बाद ही निकला बाहर
मामला विवाह के बाद धोखा, चिकित्सकीय प्रक्रिया के नाम पर गंभीर अनियमितता व वर्षों तक मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना से जुड़ा बताया गया है। आवेदन में बताया है कि उनकी शादी 07 दिसंबर 1984 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उदित नारायण झा उर्फ उदित नारायण के साथ संपन्न हुई थी।शादी के बाद वर्ष 1985 में उनके पति पार्श्व गायन के क्षेत्र में करियर बनाने मुंबई चले गये।इसी दौरान उनके पति द्वारा दीपा नामक महिला से विवाह कर लेने की जानकारी उन्हें काफी समय बाद मीडिया के माध्यम से मिली।
पटना में 32 लाख कैश के साथ दो युवक पकड़े गए, पुलिस हिरासत में हो रही हैं पूछताछ
पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने इस विषय में पति से सवाल किया, तो उन्हें वर्षों तक गुमराह किया जाता रहा।आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 1996 में इलाज के नाम पर उन्हें दिल्ली ले जाया गया, जहां कथित रूप से एक बड़े अस्पताल में बिना उनकी जानकारी और सहमति के उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। इस कथित घटना में पति उदित नारायण झा, उनके भाई संजय कुमार झा (निवासी वीरपुर वार्ड संख्या 04) एवं ललित नारायण झा की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। आवेदिका का दावा है कि इस ऑपरेशन की वास्तविक सच्चाई उन्हें वर्ष 2025 में इलाज के दौरान पता चली। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिल्ली में ऑपरेशन के दौरान दीपा नारायण नाम की महिला भी मौजूद थी, जिसके बारे में बाद में जानकारी मिली कि उसी महिला के साथ उनके पति का अवैध संबंध है।
सचिन तेंदुलकर ने परिवार संग पीएम मोदी से की मुलाकात, अर्जुन-सानिया की शादी के लिए दिया निमंत्रण
पीड़िता के अनुसार, इस संबंध से एक पुत्र आदित्य नारायण का जन्म हुआ है।महिला ने आरोप लगाया है कि यह पूरा कृत्य आपराधिक षड्यंत्र के तहत किया गया। पीड़िता का यह भी कहना है कि उन्हें वर्षों तक दांपत्य जीवन से अलग रखा गया।वर्ष 2006 में जब वह मुंबई गईं, तो उदित नारायण झा एवं दीपा नारायण द्वारा गाली-गलौज कर उन्हें घर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने मूल गांव ग्राम भारदह, पोस्ट मधवापुर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। पीड़िता ने महिला थाना अध्यक्ष से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा न्याय दिलाने की मांग की है। इस संबंध में महिला थानाध्यक्ष अंजू तिवारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त कर लिया गया है। मामले की जांच की जायेगी। उसके बाद केस दर्ज किया जायेगा। मामला काफी पुराना है।




