जमशेदपुर पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में जानकारी हासिल की है, जो ऑन डिमांड दोपहिया वाहनों की चोरी करता है। घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा ले जाकर वाहन बेच देते हैं। इनमें ज्यादातर 100 सीसी के वाहन होते हैं। हाल के दिनों में दबोचे गए गिरोह के सदस्यों के बयान से इसका खुलासा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, वाहन चोर गिरोह पहले ही लोगों से सौदा कर लेता है कि किस तरह के वाहनों की आवश्यकता है। इसके बाद ही वाहनों को शहर में आकर ढूंढता है और उसे उड़ाकर ले जाता है। वाहनों के आने के बाद ही उसके दाम तय किए जाते हैं। बंगाल, ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में लगने वाले हाट में अधिकांश चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल होता है।
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वाहन चोरों से कुछ दुकानदारों का सम्पर्क होता है। वे यह नहीं बताते हैं कि गाड़ी चोरी की है। सिर्फ इतना बताया जाता है कि वाहन के कागजात नहीं हैं। बाइक खरीदने वाले को फाइनांस की गाड़ी बताकर गुमराह करते हैं।
जमशेदपुर में हर साल औसतन होती है 600 दोपहिया वाहनों की चोरी होती है। इनमें सर्वाधिक 100 सीसी वाले वाहन हैं। माइलेज के कारण ही इन वाहनों को चोरी के बाद आसानी से बेचा जा सकता है।
इसलिए वाहन चोरों के बाजार में इसकी मांग अधिक है। डीएसपी सीसीआर ने बताया कि वाहन चोर गिरोह लगातार पकड़े जा रहे हैं। इसमें कई जानकारी पुलिस को मिली है। वाहनों को बंगाल, ओडिशा व अन्य इलाकों में बेचा जाता है।
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