खूंटीः फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले के मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। वहीं एक आरोपी फरार है। यह जानकारी एसपी ऋषभ गर्ग ने दी। चारों इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं और उस रात चोरी करने के लिए स्कूल में घुसे थे। तभी प्राचार्य के वहां अचानक पहुंच जाने से उन पर जानलेवा हमला कर दिया था। संत मिखाइल महागिरजाघर के पुरोहित सह आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्राधानाध्यापक फादर बेनेडिक्ट बारला को 20 अक्टूबर की रात में हमला कर घायल कर दिया गया था। अगले दिन फादर लहूलुहान स्थिति में मिले थे, फिलहाल उनका रांची के पल्स अस्पताल में इलाज जारी है।
एसपी ने बताया कि पकड़े गये बालकों की निशानदेही पर प्रधानाध्यापक के कार्यालय में चोरी हुए 85,747 रुपये नकद, मोबाइल फोन और चोरी के पैसों से खरीदे गए कई सामान बरामद किए हैं। खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर यह टीम आरोपियों तक पहुंची। निरुद्ध किए गए तीनों नाबालिगों की उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी उम्र और भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

एसपी के मुताबिक, 20 अक्टूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे चारों नाबालिग स्कूल परिसर में पहुंचे थे। वे मेला घूमने के लिए रुपये चुराना चाहते थे। इसी दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक फादर बारला वहां पहुंच गए। आरोपियों का उनसे सामना हुआ तो विवाद बढ़ गया और एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से उनके माथे और कनपटी पर हमला कर दिया। फादर के घायल होकर गिरने के बाद आरोपी स्कूल कार्यालय से सामान लेकर फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात करीब आधे घंटे में हुई। फादर बारला 21 अक्टूबर की सुबह स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस को 21 अक्टूबर की सुबह करीब 8:45 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल टावर से जुड़े तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसी दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा। पूछताछ में पहले आरोपी ने दो अन्य नाबालिगों के बारे में जानकारी दी। बाद में उनकी निशानदेही पर जंगल में जमीन के भीतर छिपाए गए मोबाइल फोन और रुपये बरामद किए गए।
आरोपियों ने चोरी की रकम से कुछ सामान ऑनलाइन और कुछ बाजार से खरीदा, जबकि बाकी रुपये अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिए थे। एसपी ने बताया कि चारों आरोपी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं और पहले हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। फादर बारला पर हमले के बाद खूंटी में विरोध प्रदर्शन हुए थे। शुक्रवार को मसीही समुदाय और स्थानीय लोगों ने मौन जुलूस निकालकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद सड़क जाम भी हुआ था।






