रांचीः इस साल देश में अप्रैल से लेकर जून तक तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है और मध्य व पूर्वी भारत तथा उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में अधिक दिन लू चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इस दोनों क्षेत्रों में तापमान सामान्य रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। भारत में लू के दिनों की संख्या दोगुनी हो सकती है। इस क्षेत्र में गर्मियों के मौसम के दौरान आमतौर पर पांच से छह दिन लू चलती है।
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बिहार-झारखंड में भी अधिक दिनों तक लू चलने की इस साल संभावना है। झारखंड में अभी सरहूल की धूम है। सरना स्थल पर प्रकृति की पूजा के साथ साथ दो घड़ों में पानी रखकर बारिश को लेकर भविष्वाणी की जाती है। हतमा सरना समिति के पुजारी जगलाल पाहन ने बताया है कि इस साल बारिश कम होने की संभावना है। 2024 में सरहूल पूजा के दौरान पाहन ने अच्छे मानसून की भविष्यवाणी की थी जो सही साबित हुआ था। लेकिन इस साल औसत से कम बारिश की संभावना ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
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राज्य में फिलहाल बुधवार से मौसम में कुछ बदलाव दिखने का अनुमान है। बुधवार से अगले तीन दिनों तक बारिश, मेघ गर्जन को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दो से चार अप्रैल तक राजधानी रांची सहित खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, रामगढ़, हजारीबाग,कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पलामू, चतरा और गढ़वा में मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ 30 से 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इस दौरान बादल छाये रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। तीन अप्रैल को कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। चार अप्रैल को गढ़वा, पलामू , चतरा और लातेहार को छोड़कर राज्य के सभी जिलों में ओलावृष्टि, वज्रपात, बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है।