जमशेदपुरः उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण को 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची है। किडनैपिंग मामले में पुलिस ने सोनारी के सोनू को हिरासत में लिया है।इसके अलावा पुलिस हाजीपुर में छापामारी कर दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। लेकिन अबतक ठोस साक्ष्य नाहीं मिले हैं। सोनू का बिहार के अपराधियों से संपर्क रहा है। उस पर पूर्व में भी केस दर्ज हैं। एसआइटी ने कैरव की बरामदगी के लिए हाजीपुर के अलावा जहानाबाद, पटना समेत पश्चिम बंगाल के कई जगहों पर छापामारी की है।
जमशेदपुर के कारोबारी का बेटा कैरव गांधी अगवा, इंडोनेशिया नंबर से मांगी गई 5 करोड़ की फिरौती
अब डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा करेंगे कैरव गांधी केस की मॉनिटरिंग
इधर इस मामले में सफलता न मिलता देख पुलिस मुख्यालय ने कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा को कमान सौंपी है। अब वे इस केस की मॉनिटरिंग करेंगे।दूसरी तरफ सीआइडी और स्पेशल ब्रांच को भी खोजबीन करने के लिए लगा दिया है। अपहरण के छह दिन गुजर गये हैं। परिवार अभी भी सदमें में है।
जमशेदपुर के कैरव गांधी अपहरणकांड में ताबड़तोड़ छापेमारी, हाजीपुर गैंग पर शक, पुलिस की दो टीमें बिहार गई
इधर, पुलिस की एक टीम अपहरणकर्ताओं के लोकल कनेक्शन और सूत्रधार का पता लगाने में जुटी है। कैरव गांधी के अपहरण के छह दिन गुजर गये हैं। लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कैरव गांधी के सकुशल बरामदगी और अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं बतायी जा रही है। पुलिस की माने तो अनुसंधान जारी है. कैरव की तलाश में जमशेदपुर और सरायकेला के दो दर्जन से ज्यादा पुलिस पदाधिकारियों को लगाया गया है। पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। इधर, ज्यो -ज्यों दिन गुजर रहे हैं, कैरव का परिवार व्याकुल हो रहा है। खास कर कैरव की मां का बुरा हाल है। पुलिस ने कैरव के घर के आस पास दिखे सात संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।




