रांची: अशोक नगर चोरी कांड में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन के मालिक और बिल्डर अखिलेश पांडेय के बंगले में हुई लाखों की चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बिहार से दो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले संदिग्धों को हिरासत में लिया है।दोनों से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनके जरिए मुख्य आरोपितों और चोरी गए आभूषणों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात अशोक नगर स्थित बंगले में हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि नकाबपोश चोर बंगले के पीछे स्थित ड्रेनेज पाइप के सहारे अंदर दाखिल हुए।घर में सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद चोर करीब दो घंटे तक अंदर रहा और आराम से अलमारी तथा लाकर खंगालते रहा। इस दौरान लगभग आठ लाख रुपये नकद और 85 लाख रुपये के सोने व हीरे के आभूषण चोरी कर लिए गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी के बाद आरोपितों ने बेहद सुनियोजित तरीके से भागने की योजना बनाई थी। जब पुलिस सोसाइटी के एक गेट पर जांच में जुटी थी, उसी दौरान आरोपित दूसरे गेट की बाउंड्री फांदकर फरार हो गए।इसके बाद उन्होंने पहले ऑटो का इस्तेमाल किया और फिर एक होटल में ठहरे, जहां फर्जी नाम और आधार कार्ड का उपयोग करने की आशंका जताई जा रही है।
यूपी नंबर की गाड़ी से हुए थे रवाना
होटल से निकलने के बाद वे यूपी नंबर की एक लग्जरी कार से रिंग रोड होते हुए बुंडू की ओर रवाना हुए। पुलिस का मानना है कि राज्य की सीमा पार करने के बाद वाहन का नंबर भी बदल दिया गया, जिससे उनकी पहचान छिपाई जा सके।मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने सिटी एसपी के नेतृत्व में तीन एसआईटी का गठन किया है। फारेंसिक साइंस लैब की टीम और श्वान दस्ते ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत कई वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
साथ ही पुलिस ने इलाके का काल डंप डेटा और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर कई अहम सुराग जुटाए हैं। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार में छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।इस मामले में पुलिस चोरों की कार बरामद कर चुकी है। फिलहाल पुलिस की टीमें झारखंड के अलावा बिहार में भी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।


