दावोसः यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने बड़ा ऐलान किया है । उन्होंने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमी फोरम में कहा है कि अगले सप्ताहांत भारत दौरे पर होंगी और यहां मदर ऑफ आल डिल्स होगी । यानी अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड डिल भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच होने वाली है । माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ वार से परेशान भारत के लिए यूरोपीय देशों के साथ नए डिल्स से अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आएगी ।
भारत से ‘मदर ऑफ ऑल डिल्स’
उर्सुला वॉन डेर लेयन ने दावोस में इस बात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में वो भारत दौरे पर जाएंगीं और वो ऐसी डिल होगी जिसे मदर ऑफ ऑल डिल्स कहा जाएगा । उर्सुला ने इस बात की जानकारी नहीं दी की ये डिल किस तरह की होगी लेकिन माना जा रहा है कि भारत और यूरोपीय देशों के बीच हर क्षेत्र में नए तरह की डिल होने वाली है ।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने दावोस में अपने संबोधन में वैश्विक सुरक्षा, आर्कटिक क्षेत्र और यूक्रेन युद्ध को लेकर कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया एक “स्थायी बदलाव” के दौर में प्रवेश कर चुकी है और ऐसे में यूरोप को भी अपनी रणनीति, सुरक्षा ढांचे और आत्मनिर्भरता को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।
ग्रीनलैंड और डेनमार्क पर यूरोप की अडिग एकजुटता
वॉन डेर लेयेन ने Greenland को लेकर यूरोप की स्थिति साफ करते हुए कहा कि यूरोप “पूरी मजबूती, एकता और अनुपातिक तरीके” से प्रतिक्रिया देगा। उन्होंने Denmark और ग्रीनलैंड के साथ “पूर्ण एकजुटता” जताई और कहा कि उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता “गैर-परक्राम्य” है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यूरोपीय संघ ग्रीनलैंड में “विशाल यूरोपीय निवेश अभियान” पर काम कर रहा है—एक ऐसा कदम जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को रास नहीं आ सकता।
आर्कटिक सुरक्षा: साझेदारी ज़रूरी
आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप अमेरिका के साथ मिलकर क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह सुरक्षा “केवल सामूहिक प्रयासों” से ही संभव है। उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा, नॉर्वे और आइसलैंड जैसे साझेदारों के साथ व्यापक सहयोग पर ज़ोर दिया।
टैरिफ़ पर ट्रंप को सीधी नसीहत
अमेरिका द्वारा यूरोपीय साझेदारों पर प्रस्तावित अतिरिक्त टैरिफ़ को उन्होंने “गलती” करार दिया। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच पिछले साल हुआ व्यापार समझौता एक वचन है—“राजनीति और कारोबार दोनों में, समझौता समझौता होता है। दोस्तों के हाथ मिलें तो उसका मतलब होना चाहिए।”
यूक्रेन युद्ध: ‘यह अब खत्म होना चाहिए’
यूक्रेन पर रूस के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि Russia शांति के कोई संकेत नहीं दे रहा, बल्कि हमले तेज़ कर रहा है। ऊर्जा ढांचे पर हालिया बमबारी से लाखों लोग अंधेरे, ठंड और पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
उन्होंने दो टूक कहा—“यह अब खत्म होना चाहिए।”
यूरोप ने दोहराया कि वह Ukraine के साथ न्यायपूर्ण और स्थायी शांति तक खड़ा रहेगा।
नई यूरोपीय सुरक्षा रणनीति की तैयारी
वॉन डेर लेयेन ने बताया कि यूरोप इस साल के अंत तक अपनी नई सुरक्षा रणनीति प्रकाशित करेगा, जिसमें आर्कटिक रणनीति को भी उन्नत किया जाएगा। इस रणनीति का मूल सिद्धांत होगा—“अपने भविष्य का फैसला संप्रभु लोगों का अधिकार है।”




