लोहरदगा : झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला परिसदन, लोहरदगा में जिले के पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें नगर निकाय में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की पात्रता का निर्धारण हेतु जिले में संपन्न डोर-टू-डोर सर्वे से संबंधित प्रतिवेदन की जांच व समीक्षा की गई। बैठक में लोहरदगा जिले में पिछड़े वर्गों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक स्थिति के अध्ययन तथा पिछड़े वर्गों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। साथ ही पिछड़े वर्ग के नागरिकों के जाति, आवासीय एवं नन क्रिमी लेयर प्रमाण-पत्र के लंबित आवेदनों की समीक्षा कर नियम का पालन करते हुए नन-क्रीमी लेयर प्रमाण-पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया। जमीन मोटेशन के लंबित मामलों को अंचल स्तर से ही त्वरित रूप से निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिले में हाथियों द्वारा जानमाल, मकान क्षति, फसल क्षति से नुकसान की समीक्षा की गई। जिसमें मकान क्षति व फसल क्षति में अंचल और वन विभाग द्वारा संयुक्त जांच कर प्रभावित व्यक्ति को अधिकतम लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार आग लगने से फसल की क्षति का भी सही आंकलन कराकर अधिकतम मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया। सर्पदंश से मृत्यु, आपदा से मकान क्षति, फसल क्षति पर मिलने वाली मुआवजा राशि की जानकारी भी ग्रामीणों तक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में इस वर्ष कल्याण विभाग की ओर से पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के बीच छात्रवृति राशि का वितरण, साइकिल वितरण की समीक्षा की गई। साइकिल का वितरण विद्यालय प्रांगण में ही कराने का निर्देश दिया गया। जिला शिक्षा अधीक्षक को विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम का अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले में अवस्थित आवासीय विद्यालयों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। जिला पशुपालन पदाधिकारी को पशु विकास की योजनाओं का लाभ नियमित रूप से ग्रामीणों को दिलाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, गव्य विकास की योजनाओं की भी समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। मत्स्य पदाधिकारी, लोहरदगा को पंचायत स्तर पर मत्स्य उत्पादन समितियों का गठन करने और लंबित मछुआ आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना, बिरसा कूप संवर्द्धन योजना की समीक्षा की गई। फलदार पौधों की आपूर्ति के समय पौधों की गुणवत्ता का ध्यान रखने का निर्देश बीडीओ को दिया गया। श्रम अधीक्षक को बीडीओ के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिकों का निबंधन शिविर आयोजित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, श्रमिकों के निबंधन की महत्ता की जानकारी इस शिविर में देने का निर्देश दिया गया।
पिछड़ा वर्ग आयोग ने किया नगर परिषद क्षेत्र का भ्रमण
झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की टीम ने लोहरदगा नगर परिषद क्षेत्र का भ्रमण किया। इसमें वार्ड-4, 10, 13, 16 एवं 17 के मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इसमें मतदाताओं के एपिक नंबर से मतदाता सूची में मिलान कराया गया, जो सही पाया गया। इसमें नगर निकाय में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की पात्रता का निर्धारण हेतु जिले में संपन्न डोर-टू-डोर सर्वें की जांच की गई।
बैठक में इन पदाधिकारियों की रही उपस्थिति
झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव, सदस्य नंदकिशोर मेहता, नरेश वर्मा, लक्ष्मण यादव, निजी सहायक दिनेश त्रिवेदी, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, जिला कल्याण पदाधिकारी सरस्वती कच्छप, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर, नगर परिषद के प्रशासक मुक्ति किड़ो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिवनंदन बड़ाईक, जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. रमेश उरांव, जिला गव्य विकास पदाधिकारी वशिष्ठ सिंह, सभी बीडीओ-सीओ व अन्य उपस्थित थे।
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चंद्रवंशी समाज को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय मिलेगा : जानकी प्रसाद यादव
लोहरदगा : झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव से अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष किशोर कुमार वर्मा की अगुवाई में महासभा क प्रतिनिधिमंडल मिलकर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से चंद्रवंशी समाज की समस्याओं के निदान की मांग आयोग के अध्यक्ष से किया गया। इससे पहले समाज के लोगों ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों को पट्टा देकर स्वागत किया गया। मौके पर अखिल भारत वर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष किशोर कुमार वर्मा ने कहा कि झारखंड में चंद्रवंशी समाज की आबादी 35 लाख है, पर समाज हाशिए पर है। चंद्रवंशी समाज के लिए सीएनटी एक जटिल और अभिशाप के सामान होता जा रहा है। समाज के लाेगों न बैंक कर्ज देती है और न समुचित जमीन का मूल्य मिलता है। ऐसे में चंद्रवंशी समाज और पिछड़ता चला जा रहा है। झारखंड के धनबाद, गढ़वा, पलामू, बिश्रामगढ़, रांची, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बेरमो आदि स्थानों में चंद्रवंशी समाज की ज्यादा आबादी है लेकिन राजनीतिक शून्यता के कारण सामाजिक आर्थिक और आरक्षण के साथ साथ मुख्यधारा से कटते जा रहे है। ऐसे में समाज के लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए पिछड़ा आयोग को पहल करने की जरूरत है। जिसमें झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग में चंद्रवंशी समाज का प्रतिनिधित्व मिल सके। सीडब्ल्यूसी के पूर्व चेयरमैन राजकुमार वर्मा ने कहा कि सीएनटी के मुद्दे पर सभी सीएनटी को एक सामान लाभ मिले अन्यथा चंद्रवंशी को सीएनटी से मुक्त किया जाए। झारखंड राज्य के सात जिलों में पिछडों की आरक्षण शून्य है उसे लागू कराया जाए। रांची में पिछड़ा छात्रावास निर्माण कराया जाए, ताकि मेधावी बच्चों को उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिले, चंद्रवंशी समाज के पास जमीन नहीं है या खतियानी नहीं होने के कारण जाति, आवासीय प्रमाण पत्र बनाने की बाधा दूर किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में सीडब्ल्यूसी के पूर्व चेयरमैन राजकुमार वर्मा, सेवानिवृत शिक्षक अरविंद वर्मा, व्यवसायी रवि वर्मा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव ने कहा की पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पिछडों को भी समानता का लाभ देने के लिए आयोग का गठन किया गया है। सभी पिछडों को सामाजिक न्याय दिलाया जाएगा। विशेष कर चंद्रवंशी समाज को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय मिलेगा। मौके पर पिछड़ा आयोग के सदस्य नंदकिशोर मेहता, नरेश वर्मा, लक्ष्मण यादव शामिल थे।








