रांचीः निवारणपुर स्थित आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय श्री निकेतन पर 16 जून की रात पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। मामाले की गंभीरता और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच एनआईए को सौंद दी है। NIA ने चुटिया थाने में 17 जून को कांड संख्या 85/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी को टेकओवर किया है।
उक्त प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए एनआइए के रांची थाने में आरसी-01/2026/एनआईए/आरएनसी के तहत केस री-रजिस्टर्ड किया है। यह एनआइए रांची की इस वर्ष की पहली प्राथमिकी है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा विस्फोटक अधिनियम व अनलाफूल एक्टिविटी प्रीवेंशन एक्ट लगाया गया है।एनआईए ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के आलोक में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध यह केस दर्ज किया है। कांड के शिकायतकर्ता केंद्रीय गृह मंत्रालय भारत सरकार के अवर सचिव विमल कुमार शुक्ला हैं।अब एनआईए इस केस में सामने आ रहे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संलिप्तता, घटना के पीछे के मकसद व इसमें शामिल आरोपितों के विरुद्ध जानकारी जुटाएगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि इस घटना के बाद रांची पुलिस व झारखंड एटीएस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गिरफ्तार आरोपितों का चार राज्यों से कनेक्शन जुड़ा था, जिनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली व मुंबई शामिलथे।पुलिस को आरोपितों के विदेश से आने-जाने, संदिग्धों से मुलाकात, संबंधित राज्यों के अन्य सहयोगियों से मुलाकात की भी जानकारी मिली थी। इसके बाद ही उनका ट्रेवेल हिस्ट्री खंगाला जा रहा है।
NIA से पूर्व झारखंड ATS ने लिया था जांच का प्रभार
एनआईए के पूर्व झारखंड पुलिस की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने चुटिया थाने में दर्ज उक्त प्राथमिकी की जांच का प्रभार अपने अधीन लिया था। एटीएस ने अपनी जांच के क्रम में घटनास्थल का भी जायजा लिया था और वहां मौजूद लोगों, आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी।अपराधियों के आने-जाने वाले मार्ग की भी जानकारी ली थी। एटीएस ने पेट्रोल बम से हमले से जुड़े साक्ष्य को संकलित की थी और आरएसएस कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला था।
16 जून की रात हुआ था RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला
रांची के चुटिया थाने में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ रांची के प्रांत कार्यालय प्रमुख नरसिंह कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि आरएसएस के झारखंड प्रांत के कार्य का संचालन निवारणपुर स्थित श्री निकेतन से होता है।16 जून की रात 12 बजकर 36 मिनट पर उक्त कार्यालय पर पेट्रोल बम से अज्ञात व्यक्तियों ने हमला कर दिया। सीसीटीवी में साफ दिखा था कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोल बम फेंका था। उनके चेहरे ढके हुए थे।उस वक्त संघ कार्यालय के भीतर करीब 20 लोग रह रहे थे। उनकी जान को खतरा हो सकता था। संघ की सभी संपत्ति जलकर राख हो सकती थी। अपराधियों का मंसूबा संघ कार्यालय को उड़ाने की थी।
जांच के क्रम में कोडरमा के गझंडी रेलवे स्टेशन से पकड़े गए थे दो आरोपित
जांच के क्रम में रांची पुलिस ने कोडरमा के पास गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी व अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था। सैफ अंसारी लोहरदगा के बगरू मोड़, ईमली मोड़ के पास बड़ा तलाब का निवासी है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का रहने वाला है।
दोनों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी सायम सुजान का नाम लिया, जिसकी गिरफ्तारी रांची से हुई थी। सायम सुजान भी लोहरदगा के पत्थलकुदवा स्थित फुलबगान का निवासी है। गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था, जिससे चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी।मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद सैफ फिर से पकड़ा गया था। इस मामले में उसके विरुद्ध रांची के कोतवाली में हाजत से भागने व चान्हो में पुलिस का हथियार छिनने व मुठभेड़ मामले में भी अलग-अलग दो प्राथमिकियां दर्ज हैं।


