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JSSC CGL में गड़बड़ी के आरोपों पर CID की बड़ी कार्रवाई, सचिव सुधीर गुप्ता के आवास और कार्यालय पर छापेमारी

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Live Dainik

August 17, 2026

रांची: JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मामले की जांच कर रही CID ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए JSSC के सचिव सुधीर गुप्ता के आवास और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय पर छापेमारी की।

सुबह 5 बजे सचिव के घर पहुंची CID

जानकारी के अनुसार, CID की टीम ने सुबह करीब 5 बजे मोरहाबादी स्थित हरिहर सिंह रोड पर सुधीर गुप्ता के आवास पर दबिश दी। टीम ने घर में कई घंटे तक तलाशी ली और परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की।

तलाशी के दौरान कुछ अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच टीम के हाथ लगने की बात सामने आ रही है। हालांकि, CID की ओर से जब्ती को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

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इसके बाद JSSC कार्यालय में भी रेड

सचिव के आवास पर कार्रवाई के बाद CID की टीम JSSC कार्यालय पहुंची, जहां परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला गया।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताएं आखिर किस स्तर पर हुईं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किन लोगों की भूमिका संदिग्ध है।

सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, CID ने JSSC सचिव सुधीर गुप्ता को नामकुम थाने बुलाकर पूछताछ भी की है। पूछताछ के दौरान परीक्षा प्रक्रिया, दस्तावेजों और आयोग के रिकॉर्ड से जुड़े सवाल किए जाने की जानकारी है।

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हालांकि, पूछताछ के संबंध में CID की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है।

अब सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज भी जांच के घेरे में?

JSSC CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच किए जाने की तैयारी की जानकारी सामने आ रही है। जांच एजेंसी यह देख सकती है कि चयन प्रक्रिया में कहीं किसी तरह की अनियमितता, फर्जीवाड़ा या बाहरी हस्तक्षेप तो नहीं हुआ।

महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी अभ्यर्थी को दोषी तभी माना जा सकता है जब जांच में उसके खिलाफ ठोस सबूत सामने आएं।

पेपर लीक के आरोपों की भी पड़ताल

JSSC CGL यानी JGGLCCE-2023 परीक्षा पहले से ही कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवादों में रही है। अभ्यर्थी लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अब सचिव के घर और आयोग के कार्यालय पर CID की एक साथ कार्रवाई ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।

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दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बन सकते हैं अहम सबूत

CID की जांच में केवल कागजी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि डिजिटल रिकॉर्ड भी अहम माने जा रहे हैं। परीक्षा से संबंधित कंप्यूटर डेटा, डिजिटल फाइल, संचार रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच से कथित गड़बड़ी की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।

छात्रों के आंदोलन के बीच CID की कार्रवाई

JSSC CGL समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। ऐसे में CID की यह कार्रवाई छात्रों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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