पटनाः राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी की कमान सौंप दी गई। उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके बाद परिवार के भीतर जारी कलह खुलकर सामने आ गई है। तेजस्वी के बड़े भाई और जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव का पहला रिएक्शन सामने आया है।
उन्होंने कहा, “Tejashwi Yadav को जिम्मेदारी दी गई है, इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हम और क्या कह सकते हैं? जिसे भी जिम्मेदारी मिलती है, उसे निभाना चाहिए।”
RJD की कमान साजिशकर्ताओं के हाथ में, राजद की बैठक से पहले रोहिणी का भयंकर ट्वीट; निशाने पर कौन?
तेजस्वी यादव पर रोहिणी आचार्य के ट्वीट पर उन्होंने कहा, “उन्होंने जो ट्वीट किया है, वह बिल्कुल 100% सही है। अगर उन्होंने (लालू यादव) यह फैसला लिया है, तो उन्हें लगा होगा कि यह सही है। तो यह अच्छी बात है। हमारे लोग आगे बढ़ रहे हैं।”
सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और ” गिरोह – ए – घुसपैठ ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 25, 2026
रोहिणी ने किया था हमला
बता दें कि रोहिणी ने एक ट्वीट कर तेजस्वी यादव की ताजपोशी पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, “सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और ‘गिरोह – ए – घुसपैठ’ को उनके हाथों की ‘कठपुतली बने शहजादा’ की ताजपोशी मुबारक।”वहीं सबसे बड़ी बहन मीसा भारती ने कहा, “मैं उन्हें बधाई देती हूं। यह पार्टी और बिहार के लोगों के लिए खुशी की बात है। RJD के पास अब एक अध्यक्ष और एक कार्यकारी अध्यक्ष हैं। हम उनके नेतृत्व में काम करेंगे। इस बारे में मीटिंग में चर्चा हुई है। तेजस्वी को एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।”
जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी - वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक - आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 25, 2026
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लालू यादव की जगह लेंगे तेजस्वी यादव
1997 में राजद के गठन से लेकर अब तक लालू यादव राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे। अब तेजस्वी यादव को इस पद के लिए सर्वसम्मति से चुन लिया गया है। इस कदम के साथ राजद में लालू यादव युग का अंत हो गया। अब देखना होगा कि परिवारिक टूट के बीच तेजस्वी यादव पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाते हैं और पार्टी का भविष्य क्या होगा?


