रांचीः डोरंडा-सिरमटोली फ्लाइओवर के रैंप निर्माण को लेकर आदिवासी बचाओ मोर्चा की अगुवाई में आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का असर बुधवार की सुबह देखने को मिल रहा है। राजधानी रांची के कांके और टाटीसिल्वे सहित कई स्थानों पर आदिवासी संगठनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बंद समर्थकों ने कांके-पतरातू मेन रोड़ को जाम कर दिया है। सिमडेगा में झूलन सिंह चौक पर आदिवासी नेताओं ने एनएच-143 को जाम कर दिया है।
4 जून को आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद, रांची में निकाला गया मशाल जुलूस
इससे पहले मंगलवार की शाम को आदिवासी संगठनों द्वारा मशान जुलूस निकाला गया था। जिसमें बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने अपनी भागीदारी दी थी। आदिवासी समुदाय के लोगों के द्वारा झारखंड सरकार से आदिवासियों की धार्मिक स्थल सरना की रक्षा, पेशा कानून 1996 नियमावली को राज्य में अविलंब लागू कराने, झारखंड में खड़िया भाषा प्लस टू विद्यालय शिक्षक नियुक्ति सृजन कराने, नई शराब नीति रद्द कराने, लैंड बैंक रद्द कराने, जनगणना प्रपत्र में सरना धर्म कॉलम की मांग करने, आदिवासी जमीन अधिग्रहण और सादा पट्टा में आदिवासी की जमीन गैर कानूनी रूप के खरीद-बिक्री एवं अन्य मांगों को लेकर पूरे राज्य में जोरों शोरों से आंदोलन कर रहे है।





