लोहरदगा : शहर के बीचों-बीच स्थित जिला परिषद डाक बंगला अब जल्द ही नए और आकर्षक रूप में नजर आएगा। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहे इस भवन के कायाकल्प को लेकर जिला परिषद प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के निर्देश पर डाक बंगला परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ इसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मंगलवार को डीडीसी ने विभागीय अभियंता और कर्मियों के साथ डाक बंगला परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन की मौजूदा स्थिति का बारीकी से जायजा लिया और सुधार कार्यों को लेकर कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाक बंगला को जिले के अनुरूप एक आदर्श और सुव्यवस्थित परिसर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि यहां आने वाले अधिकारियों और अतिथियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निरीक्षण के दौरान कनीय अभियंता मनु कुमारी, देवानंद पांडेय और राहुल कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।

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सौंदर्यीकरण और सुविधाओं पर जोर
डीडीसी ने स्पष्ट किया कि डाक बंगला का कायाकल्प केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आकर्षक और उपयोगी बनाया जाएगा। परिसर में बागवानी को बढ़ावा देने, आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था करने तथा भवन और बाउंड्री की रंगाई-पुताई कराने का निर्देश दिया गया। इससे डाक बंगला की सुंदरता बढ़ेगी और यह शहर की पहचान के रूप में उभर सकेगा।

आधुनिक निर्माण कार्यों की तैयारी
निरीक्षण के दौरान किचेन शेड निर्माण, पेवर ब्लॉक बिछाने और डाक बंगला तक वैकल्पिक मार्ग से प्रवेश के लिए नए द्वार निर्माण की योजना बनाई गई। इसके साथ ही पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, मूत्रालय और स्नानागार निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया है। इन सुविधाओं के जुड़ने से परिसर अधिक व्यवस्थित और उपयोगी बन सकेगा। कनीय अभियंता मनु कुमारी को सभी प्रस्तावित कार्यों का प्राक्कलन दो दिनों के भीतर तैयार करने का निर्देश दिया गया। डीडीसी ने साफ कहा कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी काम तय समय सीमा में पूरे किए जाएंगे।

उद्घाटन के बाद ठप पड़ा था विकास
गौरतलब है कि 29 नवंबर 2020 को तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अखौरी शशांक सिन्हा की देखरेख में तत्कालीन जिला परिषद अध्यक्ष सुनैना कुमारी और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इस भवन का उद्घाटन किया गया था। लेकिन उद्घाटन के बाद यहां विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया, जिससे भवन की स्थिति धीरे-धीरे जर्जर होती चली गई।

अब बदलेगी तस्वीर, बढ़ेंगी सुविधाएं
अब जिला परिषद प्रशासन की सक्रियता से उम्मीद जताई जा रही है कि डाक बंगला अपनी पुरानी पहचान वापस हासिल करेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह परिसर न केवल अधिकारियों और अतिथियों के लिए उपयोगी साबित होगा, बल्कि शहर के सौंदर्य में भी चार चांद लगाएगा।


