जमशेदपुरः शिक्षामंत्री रामदास सोरेन और छात्रा के बीच हुई बहस के मामले में कार्रवाई हो गई है । छात्रा की मांग पूरी हो गई है । राज्यपाल ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 12वीं के इन छात्रों की पढ़ाई उसी कॉलेज में होगी जहां वे पढ़ रही हैं ।
सरयू राय ने दी जानकारी
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने इस संबंध में जानकारी दी है ।
नई शिक्षा नीति के आलोक में जारी पूर्व आदेश में वांछित संशोधन करने के लिए माननीय राज्यपाल,झारखंड को हार्दिक धन्यवाद.स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को वादा पूरा करने के लिए बधाई.12वीं कक्षा के विद्यार्थी अब उसी सरकारी कॉलेज से पढ़ाई कर परीक्षा दे सकेंगे,जहां उनका नामांकन हुआ है. pic.twitter.com/FMiSYH6Tgy
— Saryu Roy (@roysaryu) July 12, 2025
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से हुआ था सवाल-जवाब
आठ जुलाई को रामदास सोरेेन का घेराव करते हुई छात्राओं ने जवाब मांगा था कि “आप ही ना बोले थे सर… दिल्ली में प्रदर्शन करो..” छात्रा गुस्से में हैं । कॉलेज की शिफ़्टिंग हो रही है । छह महीने कहां जाएं । रामदास सोरेन को जवाब सूझ नहीं रहा है । छात्रा शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी बता रही है । शिक्षा मंत्री को जवाब नहीं सूझ रहा है । कैमरे की भीड़, मोबाइल का जमाना.. हर बात और हर हरकतें रिकॉर्ड हो रही हैं । उस वक्त शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने वक्त की नज़ाकत को समझा और धीरे से खिसक लिए थे ।
क्या था पूरा मामला
दरअसल मामला कॉलेज की शिफ़्टिंग का है ।दरअसल जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में आयोजित छात्र सम्मान समारोह में झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही मंत्री सभागार से बाहर निकले, वहां मौजूद 12वीं कक्षा के छात्रों ने उन्हें घेर लिया और एक मांग पत्र सौंपा।
छात्रों का कहना है कि वे फ़िलहाल में शहर के विभिन्न इंटर कॉलेजों में अध्ययनरत हैं। नई शिक्षा नीति के तहत इंटर कॉलेज की पढ़ाई अब स्कूलों में कराने का निर्देश जारी किया है। हालांकि, छात्रों का तर्क है कि यह नीति वर्ष 2026 से लागू होनी है और वे पहले से ही 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं, जो अगले साल पूरी हो जाएगी। ऐसे में उन्हें अचानक किसी अन्य स्कूल या कॉलेज में स्थानांतरित करना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए नुकसानदायक होगा।
छात्रों ने मांग की कि थी कि वर्तमान सत्र में पढ़ रहे 12वीं के छात्रों को पुराने संस्थानों में ही पढ़ाई पूरी करने दी जाए और जब तक नई शिक्षा नीति पूरी तरह से लागू न हो जाए, तब तक हस्तक्षेप न किया जाए। छात्र अपनी मांगों को लेकर रामदास सोरेन से पूरी गांरटी चाह रहे थे ।


