सीता और कल्पना सोरेन को अपने घर में देख मुस्कुरा रहे होंगे शिबू सोरेन…एक आंगन में पूरा परिवार इस तरह निभा रहा परंपराएं

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Live Dainik

August 7, 2025

shibu soren tin karm

रुपी सोरेन व्हील चेयर पर बैठी हैं । बाईं तरफ कल्पना सोरेन और दाईं ओर सीता सोरेन और हेमंत सोरेन  । तीन कर्म हो रहा है । संताली परंपरा के मुताबिक कर्म हो रहा है । गुरु जी शिबू सोरेन जहां कहीं भी होंगे  इस तस्वीर को देख मुस्कुरा तो जरुर रहे होंगे । उन्होंने ता उम्र अपने लंबे-चौड़े परिवार को बचाने की कोशिश की थी। सीता सोरेन का उनके राजनीतिक परिवार से होने का मलाल तो जरुर होगा लेकिन इस तस्वीर को देखने के बाद इस बात का अफसोस नहीं कर रहे होंगे कि संस्कारों में कहीं कमी रह गई । सीता सोरेन गिले शिकवे भूल परिवार के साथ हैं । रुपी सोरेन के सानिध्य में बैठीं सीता सोरेन अपने पति के दुर्गा सोरेन के छोटे भाई हेमंत सोरेन को पीतल की थाली में जल को स्पर्श करते हुए देख रही है.. कल्पना सोरेन भी वैसा ही करती हैं फिर  सीता सोरेन ये परंपरा निभाती हैं । शिबू का परिवार एक आंगन में इकठ्ठा है ।

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नेमरा के जंगलों में हेमंत सोरेन को दादा सोबरन मांझी और पिता शिबू सोरेन की सता रही याद…

आदिवासी समाज में  परंपराएं किसी की व्यक्तिगत शिकायतों से अधिक महत्वपूर्ण होता है। सीता सोरेन ने गुरुजी की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा का अलविदा भले ही कहा लेकिन ना तो उन्होंने परिवार से मुंह मोड़ा और ना ही परिवार ने उन्हें इस मुश्किल घड़ी में अलगाव का एहसास होने दिया ।

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शिबू सोरेन का पूरा परिवार एक आंगन में इकट्ठा है। अंत्येष्ठि के तीसरे दिन तीसरा कर्म निभाया जा रहा है । हेमंत सोरेन सखुआ के पत्ते को उठा कर घर से नंगे पांव निकलते हैं.. बारिश की वजह से सड़कों पर कीचड़ है फिर भी झारखंड का मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी को निभाने में कोई कसर छोड़ता हुआ नजर नहीं आता । वीर शिबू सोरेन के जाने के बाद पैदा हुई शून्यता को महसूस करते हुए तालाब किनारे सखुआ के पत्ते को रखते हैं फिर जल डालते हैं। … तीन दिन हो गए अंत्येष्ठि के और चार दिन हुए आखिरी सांस लिए हुए । शिबू सोरेन का परिवार नेमरा में उन्हें जल-जंगल -जमीन में सौंपने के बाद धार्मिक परंपराओं में कमी नहीं रखने की पूरी कोशिश करता हुआ दिख रहा है । घर की बहुएं कल्पना सोरेन और सीता सोरेन एक ही छत के नीचे हैं । कई दिनों तक और रहेंगी । परिवार को एकजुट देख इनके बाबा जहां भी होंगे खुश होंगे ।

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….जल-जंगल-जमीन में विलिन हो गया झारखंड क्रांतिकारी योद्धा वीर दिशोम शिबू सोरेन…नेमरा का कैसा था माहौल…पढ़िए

इससे पहले सोशल मीडिया पर ने लिखा कि  उन्हें नेमरा की पगडंडियों और जंगलों में दादा और पिता की याद सता रही है । हर दिन अंत्येष्ठि स्थल पर पहुंच दिशोम गुरु को याद कर रहे हैं , उन्होंने लिखा ” नेमरा की यह क्रांतिकारी और वीर भूमि, दादाजी की शहादत और बाबा के अथाह संघर्ष की गवाह है। यहां के जंगलों, नालों-नदियों और पहाड़ों ने क्रांति की उस हर गूंज को सुना है – हर कदम, हर बलिदान को संजोकर रखा है। नेमरा की इस क्रांतिकारी भूमि को शत-शत नमन करता हूँ। वीर शहीद सोना सोबरन मांझी अमर रहें! झारखण्ड राज्य निर्माता वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!”

 

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