पश्चिमी सिंहभूमः चाईबासा एसपी को 6 जून को गुप्त सूचना मिली कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के उग्रवादियों ने चाईबासा जिला के टोकलो थाना एवं सरायकेला-खरसावां जिले के दलभंगा ओपी के सीमवर्ती जंगली पहाड़ी क्षेत्र में गोला बारूद छुपाकर रखा है। इसका मकसद सुरक्षा बलों को निशाना बनाये जाने का था। झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और चाईबासा एवं सरायकेला-खरसावां पुलिस की नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान को टारगेट करके उग्रवादियों ने आईईडी को प्लांट किया गया था।
वरिष्ठ IPS अधिकारी संजय ए लाठकर विरमित, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर संभालेंगे ये जिम्मेदारी
इस सूचना के बाद संयुक्त अभियान चलाकर 7 जुलाई 2025 को सुरक्षा बलों ने टोकला थाना क्षेत्र के कोटसोन एवं लांजी के जंगली पहाड़ी क्षेत्र से नक्सलियों द्वारा लगाए गए लगभग 16 आईईडी जिसमें प्रत्येक का वजन 2-2 किलोग्राम है उसको बरामद किया। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से बम निरोधक दस्ता के द्वारा इसे विनिष्ट किया गया।
चाईबासा में सुरक्षा बलों ने 16 IED को किया बरामद
टोकला थाना क्षेत्र के कोटसोन एवं लांजी पहाड़ी क्षेत्र से हुआ बरामद
बम निरोधक दस्ता ने IED को किया विनिष्ट@ChaibasaPolice #Jharkhand #JharkhandNews #JharkhandBreaking pic.twitter.com/DuYvPjxBJD
— Live Dainik (@Live_Dainik) July 7, 2025
लोहरदगा में पूर्व नक्सली का शव तालाब से बरामद, तीन दिनों से था लापता
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा०क०पा० (माओ०) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा एवं अन्य नक्सली अपने दस्ता सदस्यों के साथ सारंडा / कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधि के लिए भ्रमणशील है, जिसके आलोक में चाईबासा पुलिस, कोबरा, सी०आर०पी०एफ० एवं झारखण्ड जगुआर की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है।




