रांचीः धनबाद के डिप्टी मेयर और कांग्रेस के नेता नीरज सिंह हत्याकांड के आरोपी संजीव सिंह को जमानत मिलने से पूर्णिमा सिंह आहत हैं । दिवंगत नीरज सिंह की पत्नी ने सोशल मीडिया में अपनी पीड़ा साझा करते हुए लिखा है कि “जो भूल गए हैं उन्हें याद दिला दूं चार लोगों की निर्मम हत्या हुई । तीन औरतें एक ही साथ विधवा हुईं। चार मांओं ने एक पल में अपने बेटे खो दिए। चार परिवार उजड़ गए । अपने ही परिवार के सदस्य की हत्या की,कुलघात किया। कालांतर में अनेक परिवारों को उजाड़ने का कारण बना।”
नीरज हत्याकांड में मुख्य आरोपी संजीव सिंह जो कि चचेर भाई हैं को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दी है । जमानत के बाद संजीव सिंह रांची के रिनपास से बाहर आए । बताया जा रहा है कि धनबाद का सिंह मेंशन इसे अपनी जीत बता रहा है। दूसरी और पीड़़ित पूर्णिमा नीरज सिंह जमानत मिलने से आहत हैं । उन्होंने सोशल मीडिया में अपनी पीड़ा बयां की है ।
पूर्व विधायक के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि संजीव सिंह सात तरह के बीमारियों से ग्रसित है। अभी तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो पाई है, यह उनके संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है। जेल में संजीव की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।उन्होंने बताया कि संजीव के विरुद्ध पुलिस ने 28 जून 2017 को आरोपपत्र दायर किया था। तीन जनवरी 19 को अदालत ने संजीव समेत छह के विरूद्ध आरोप का गठन कर दिया था। वर्तमान समय में मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से बहस चल रही है।
धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या मामले में पूर्व विधायक संजीव सिंह 11 अप्रैल 2017 से जेल में हैं। 21 मार्च 2017 को सरायढेला में नीरज सिंह सहित चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। 23 मार्च को सरायढेला थाने में नीरज के भाई अभिषेक सिंह की लिखित शिकायत पर पिंटू सिंह, मनीष सिंह, महंत पांडेय, गया प्रताप सिंह और अन्य के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। बाद में इस केस में शूटरों के अलावा अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने झरिया के तत्कालीन विधायक संजीव सिंह को गिरफ्तार किया था। तब से वे जेल में ही हैं। पूर्व विधायक संजीव सिंह की ओर से जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गयी। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को जमानत मिली है।










