पटनाः बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के 22 दिन बाद 7 मई को कैबिनेट का विस्तार होगा। गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य शपथग्रहण समारोह में प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई अतिथि शामिल होंगे। दरअसल, बंगाल-असम समेत पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के चलते बिहार में सिर्फ मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का ही शपथ ग्रहण हुआ था।मंत्रिमंडल के सदस्यों का शपथ को टाल दिया गया था. अब तीन राज्यों में एनडीए की जीत के बाद सम्राट मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण को भव्य रूप देने की तैयारी की जा रही है।
बताया जाता है कि, सम्राट कैबिनेट के विस्तार में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है। खासकर जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की जायेगी। जानकारी के अनुसार जदयू और भाजपा कोटे से मंत्रियों की संख्या समान रहेगी। 2025 में नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे कुछ नेताओं का विभाग बदला भी जा सकता है।इन सबके बीच सबसे अधिक चर्चा जेडीयू के कुशवाहा विधायकों को लेकर है। 2025 के विधानसभा चुनाव में कुशवाहा जाति के कुल 26 उम्मीदवार जीतकर सदन पहुंचे हैं। इनमें अधिकांश एनडीए प्रत्याशी के तौर विजयी होकर विधायक बने हैं।2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू से सिर्फ 2 कुशवाहा विधायक चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे थे। तब नीतीश कुमार ने जयंत राज, जो पहली बार विधायक बने, उन्हें मंत्री बनाया था। नीतीश कुमार ने इन्हें ग्रामीण कार्य विभाग से लेकर लघु जल संसाधन विभाग और भवन निर्माण विभाग तक की जिम्मेदारी दी थी। 2025 के चुनाव में जेडीयू से पांच कुशवाहा विधायक जीत कर सदन पहुंचे हैं। इस जाति से आने वाले सभी विधायक मंत्री पद के मजबूत दावेदार हैं।सबकी अपनी-अपनी दावेदारी है।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार (Bihar Cabinet Expansion) में जदयू कोटे से 11 मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें आठ मंत्री पूर्व में भी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। तीन नए चेहरों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।संभव है यह संख्या एक या दो बढ़ भी जाए। सामाजिक व क्षेत्रीय समीकरणों का ख्याल रखा जा रहा मंत्रियों की सूची तय करने में।
सरकार में होंगे कुल 36 मंत्री
संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, विधानसभा में सदस्यों की जितनी संख्या है उसके 15 प्रतिशत को ही मंत्री बनाया जा सकता है। बिहार विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 243 है। इस लिहाज से 36 लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है।एनडीए के तीन घटक दल क्रमश: लोजपा (रामविलास), रालोमो तथा हम से 4 विधायकों का मंत्री बनना तय है, इसलिए 32 की संख्या पर जदयू और भाजपा मे बंटवारा होना है।जदयू अपने कोटे में कुछ संख्या रिक्त भी रखना चाहता है। आगे जब मंत्रिमंडल विस्तार होगा तो उसे भरा जाएगा। फिलहाल दो उपमुख्यमंत्री सहित 13 की संख्या पर बात चल रही है।विजय चौधरी व बिजेंद्र यादव पहले से उपमुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं, इसलिए 11 लोगों की ही जदयू से मंत्री बनने की संभावना है।
कौन-कौन बन सकता है मंत्री?
जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा, जयंत राज को मंत्री पद मिल सकता है। नए लोगों में मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार, व रूहेल रंजन के नाम की चर्चा है। संभावना है कि शीला कुमारी को भी मंत्री पद मिल सकता है।



