रांचीः बंगाल और असम के चुनाव में करारी हार के साथ ही झारखंड कांग्रेस में खटपट शुरू हो गई है। राज्य सरकार में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी है। उन्होंने प्रदेश प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खालते हुए प्रदेश कांग्रेस में बनी नई कमेटी पर सवाल खड़े कर दिये है। इतना ही नहीं उनके बेटे प्रशांत किशोर ने प्रदेश कमेटी में सचिव पद से इस्तीफा भी दे दिया है। उन्होंने अपना निर्णय प्रदेश प्रभारी को मैसेज भेजकर बता दिया है।
रमा खलखो को पद देने और योगेंद्र साव के निष्कासन पर सवाल
राधा कृष्ण किशोर झारखंड सरकार में नंबर दो की हैसियत रखते है और कांग्रेस कोटे से बने मंत्रियों में सबसे आगे है। उन्होंने एक दिन पहले मंत्री इरफान अंसारी पर लगे आरोप का खुलकर बचाव किया था और पत्रकारों को ही पत्रकारिता का पाठ पठाते हुए उन्हें उत्तेजित करने वाला प्रश्न नहीं पूछने की सलाह दी थी। अगले दिन राधा कृष्ण किशोर अपने पार्टी प्रभारी के राजू को जंबो कमेटी नहीं बनाने की सलाह देते नजर आये। यही नहीं उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव जिन्होंने बड़कागांव में अपना घर गिराये जाने के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दिया था और कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। करीब डेढ़ महीने पहले हुई इस कार्रवाई का विरोध करते नजर आये। यही नहीं रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो को कमेटी में जगह देने पर भी सवाल उठाए।
राधा कृष्ण किशोर ने के राजू को लिखे अपने पत्र की कांपी सोशल मीडिया पर साधा की और तीखा तंज कसते हुए लिखा कि महाशय, झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के एक आँख में सुरमा और दूसरे में काजल चरितार्थ हो गया है। कार्यकर्ता जानना चाहते हैं कि बड़कागांव क्षेत्र के कांग्रेसी स्तंभ पूर्व मंत्री श्री योगेन्द्र साव का क्या दोष था जिन्हें तीन वर्षों के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया गया। दूसरी ओर श्रीमती रमा खलको जिन्होंने आपको और कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से कोसा उसे पार्टी ने चुनाव प्रबंध समिति का सदस्य बना दिया गया।
सर, 81 सीट वाले झारखण्ड विधानसभा के लिए झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के कुल 314 सदस्यों की समिति कितना कारगर होगी ये समय बताएगा। देश में हुए चुनाव परिणाम से भी झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी को सीखने की आवश्यकता है। जंबो-जेट समिति की जगह यदि प्रदेश नेतृत्व के बारे में पार्टी कोई फैसला ले तो ही कांग्रेस संगठन के मजबूती की कल्पना की जा सकती है।

प्रभारी के राजू का वित्त मंत्री को जवाब
वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू ने वित्त मंत्री द्वारा लिखे गए पत्र पर कहा कि उन्हें पत्र मिला है। उन्होंने राधा कृष्ण किशोर से बात की है और कमेटी के गठन किस तरह से किया गया है। इसमें किसको क्या जिम्मेदारी दी जा रही है। के राजू ने कहा कि राधा कृष्ण किशोर ने पत्र को सोशल मीडिया पर डाला है, जो सही नहीं है। मई महीने में ही पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक होगी। उस बैठक में राधा कृष्ण किशोर अपनी पूरी बात रख सकते हैं। यदि रखते हैं, तो उसपर विचार होगा। वहीं उनके बेटे प्रशांत किशोर के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर बताया कि उनका टेक्स्ट मैसेज मिला है।



