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क्लोनिंग से निजी बैंक के 251 खातों से 5.58 करोड़ उड़ा दिए, बिहार में साइबर फ्रॉड की करतूत

क्लोनिंग से निजी बैंक के 251 खातों से 5.58 करोड़ उड़ा दिए, बिहार में साइबर फ्रॉड की करतूत

डेस्कः बिहार में बैंकिंग कारोबार कर रही एक निजी बैंक की विभिन्न जिलों में स्थापित 251 खातों (व्यापार इकाइयों) से 5.58 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी हुई है। राशि आधार सत्यापित करने वाली मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक पहचान की क्लोनिंग कर निकाली गयी। इस संबंध में निजी बैंक फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर ईओयू ने प्राथमिकी (18/25) दर्ज करते हुए जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक का आरोप है कि ग्राहकों से जुड़ी गोपनीय जानकारी व बायोमेट्रिक डिटेल लीक होने से यह निकासी हुई है।

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फिनो पेमेंट्स बैंक के स्थानीय प्रबंधक (आरसीयू) मनीष रौशन के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि 17 जिलों के 251 खातों से पांच करोड़ 58 लाख, 46 हजार 844 रुपये की फर्जी निकासी हुई है। सबसे अधिक 140 खातों से 3,05,11,192 रुपये अररिया जिले में निकाले गए हैं। वहीं 49 खातों से 99,87,375 रुपये की निकासी पूर्णिया जिले में और 25 खातों से 69,82,464 रुपये की निकासी किशनगंज जिले में हुई है।

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इनके साथ ही कटिहार, गया, जमुई, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, नवादा, पटना, सुपौल और पश्चिमी चंपारण में भी छिटपुट निकासी की गई है। ठगी की इन घटनाओं की शिकायत पहले भी एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) और स्थानीय पुलिस थानों में की जा चुकी है। इन शिकायतों के बाद अब तक मात्र 38 लाख 87 हजार 540 रुपये रिकवर हुए।

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जानकारी के मुताबिक राशि की निकासी व्यापार इकाइयों के खातों से हुई है। दरअसल फिनो पेमेंट्स बैंक आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम के माध्यम से गांवों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसके लिए गांवों में व्यापार इकाइयां नियुक्त की जाती हैं। इन व्यापार इकाइयों को आधार सत्यापन से जुड़े अधिकार व उपकरण उपलब्ध कराये जाते हैं। व्यापार इकाइयों से जुड़ने वाले ग्रामीण बायोमेट्रिक डिटेल द्वारा आधार सत्यापन के माध्यम से बैंक में अपनी राशि को जमा या निकासी करते हैं। बैंक ने आरोप लगाया है कि स्थानीय थानों के स्तर पर मामले में संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।

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