गढ़वा: जिले के बड़गड़ प्रखंड के महुआ टीकर गांव निवासी वृद्ध पेंशनधारी रतन लकड़ा (75) की मौत के बाद सोमवार को झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की बड़गड़ शाखा के बाहर जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने वृद्ध का शव बैंक के मुख्य द्वार पर रखकर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बैंक की लापरवाही के कारण तीन महीने से वृद्धावस्था पेंशन की राशि नहीं मिल सकी, जिससे आर्थिक तंगी के बीच समय पर इलाज नहीं हो पाया और उनकी मौत हो गई। सूचना पर थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य के निर्देश पर पुलिस पदाधिकारी राजेश कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। बाद में डाल्टनगंज के क्षेत्रीय प्रबंधक से मोबाइल पर ग्रामीणों की बात कराई गई। क्षेत्रीय प्रबंधक ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार के लिए प्रस्थान किया। प्रदर्शन में मृतक की पुत्रवधू फुलमनी लकड़ा, जयप्रकाश मिंज, अर्जुन मिंज, फिलीप कुमार, बुद्धलाल केरकेट्टा, संजय कुजूर, बिरद लकड़ा, रायमन कच्छप, सीमा कच्छप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
केवाईसी के नाम पर बार-बार बैंक बुलाने का आरोप
परिजनों ने बताया कि रतन लकड़ा लंबे समय से बीमार थे। केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर उन्हें कई बार बैंक बुलाया गया। बाद में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर बैंक कर्मी उनके घर पहुंचे और बिस्तर पर ही अंगूठा लगवाकर केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की। इसके बावजूद उनके खाते में पेंशन की राशि जारी नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर पेंशन मिल जाती तो बेहतर इलाज संभव हो सकता था।
बैंक कर्मियों पर कार्रवाई की मांग
वृद्ध की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव लेकर बैंक पहुंचे तथा शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार और बैंक के मैसेंजर हेमंत कुमार उर्फ नंदलाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोनों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।


