देवघर: बहूचर्चित सीजीएल नियुक्ति में फर्जीवाड़ा के तार अब देवघर जिले से भी जुड़ गए हैं। जिले के रिखिया थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर बंधा इलाका स्थित एक घर से एक युवक को पकड़ा है। उसके पास से पुलिस ने कई छात्रों का चेक, प्रमाण पत्र आदि बरामद किया है।पुलिस के मुताबिक उसके पास कई अभ्यर्थियों के चेक, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज मिले हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में उस पर करीब दो दर्जन उम्मीदवारों की नौकरी में “सेटिंग” कराने का आरोप है। उसके मुताबिक, हजारीबाग जिला में करीब 1200 छात्रों को रखकर सीजीएल की तैयारी करायी गयी थी। उन्हें सवाल व जवाब रटाया गया था।गिरफ्तार आरोपित सुधाकर यादव मूल रूप से सीमावर्ती बिहार के बांका जिला के जयपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, वह 2018 से रांची सचिवालय में 2018 से लिपिक के पद पर कार्यरत था। उसने पुलिस को बताया कि उसका ट्रांसफर दुमका हो गया है जिस कारण वह यहां रह रहा था।

हालांकि आशंका है कि उसे इस बात की भनक लग गयी थी कि उसे सीआईडी की टीम पकड़ सकती है और इसी कारण वह यहां छुपकर रह रहा था। इसकी भनक पुलिस को लग गयी और उसे पकड़ लिया गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि उसने करीब दो दर्जन छात्रों के नौकरी की सेटिंग की थी।
उसके मुताबिक, हजारीबाग जिला में करीब 1200 छात्रों को रखकर सीजीएल की तैयारी करायी गयी थी। उन्हें सवाल व जवाब रटाया गया था। इसकी सूचना मिलने पर सीआइडी की टीम उसे लेने के लिए रांची से देवघर के लिए रवाना हो गयी है। उसे टीम द्वारा रांची ले जाया जाएगा। हालांकि फिलहाल स्थानीय पुलिस इस बारे में कुछ भी नहीं बता रही है।





