पटना : बिहार में आरजेडी को लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ा झटका लगा है। पूर्व राज्यसभा सांसद और कटिहार मेडिकल कॉलेज के संस्थापक डॉक्टर अहमद अशफाक करीम ने RJD की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
शुक्रवार रात उन्होने आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के नाम पत्र लिखकर पार्टी से इस्तीफा देने की जानकारी दी। उन्होने आरजेडी अध्यक्ष को लिखी गई चिट्टी में लिखा है कि मै आपकी पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देता हूं। मै आपकी पार्टी से सामाजिक ताकत प्रदान करने हेतू जुड़ा था। आप जातीय जनगणना कराने का दावा करते थे जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी का नारा देते थे। लेकिन आपने मुसलमानों की हकमारी की है। अनके आबादी के अनुरूप तो दूर सम्मानजनक हिस्सेदारी भी नहीं दी। इसलिए इस परिस्थिति में राजद के साथ राजनीति करना मेरे लिए असंभव है। अतः मेरे त्यागपत्र को स्वीकार करें। मै हमेश आपके अच्छे स्वास्थ की कामना करता हूं।
अशफाक करीम को सीमांचल का बड़ा नेता माना जाता है खासकर मुस्लिम आबादी के बीच उनकी काफी पकड़ है। कटिहार मेडिकल कॉलेज के माध्यम से किये जा रहे सामाजिक कार्यो की वजह से उनकी लोकप्रियता सभी वर्गो में है। उनके इस्तीफे बाद इंडिया गठबंधन को सीमांचल में बड़ा नुकसान हो सकता है। पूर्णिया की सीट से पप्पू यादव के चुनाव लड़ने से जहां एक ओर गठबंधन को नुकसान हो रहा है वही अशफाक करीम के इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि वो कटिहार से चुनाव मैदान में उतर सकते है। ऐसे में कटिहार से कांग्रेस उम्मीदवार तारिक अनवर को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

अशफाक करीम को आरजेडी ने न तो इस बार राज्यसभा भेजा है और न ही उन्हे लोकसभा में उम्मीदवार बनाया है। अशफाक करीम द्वारा लगाये गये आरोपों का विश्लेषण करें पता चलता है कि कांग्रेस और आरजेडी ने मात्र तीन मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है। आरजेडी ने मधुबनी से अली अशरफ फातमी , अररिया से शाहनवाज और कांग्रेस ने कटिहार से तारिक अनवर को टिकट दिया है।
अशफाक करीम से पहले सिवान में शाहबुद्दीन का परिवार भी आरजेडी से नाराज बताया जा रहा है। शाहबुद्छीन की पत्नी हीना शहाब अपनी नाराजगी जगजाहिर कर चुकी है और माना जा रहा है कि वो सिवान से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगी, इसके बाद अशफाक करीम की नाराजगी सामने आने के आद आरजेडी को नुकसान हो सकता है और उनके चुनाव मैदान में उतने के बाद इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को संकट का सामना करना पड़ सकता है।



