डेस्कः epstein files के बहाने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ता अपने प्रधानमंत्री की आंखों में देखें, उन्हें वहां डर दिखाई देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद में नहीं आ पाए और इसके पीछे अलग-अलग कारण बताए गए।उन्होंने कहा कि अहिंसा और लोकतांत्रिक विरोध इस देश की बुनियाद हैं। महात्मा गांधी और भगत सिंह ने यह रास्ता दिखाया है। उन्होंने सवाल किया कि लोकतांत्रिक विरोध से डरने की जरूरत क्यों है।
पटना में IPS सुनील नायक को आंध्रप्रदेश पुलिस ने किया गिरफ्तार,पूर्व सांसद को कस्टडी में टॉर्चर करने का है आरोप
राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इस समझौते में भारत को कुछ हासिल नहीं हुआ और देश के हितों से समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों, टेक्सटाइल इंडस्ट्री और देश के डेटा को नुकसान पहुंचा है।उन्होंने एपस्टीन मामले का जिक्र करते हुए कहा कि संबंधित फाइलों और ईमेल में प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और उनके सहयोगियों का नाम सामने आने की बात कही जा रही है।
मेक्सिको में ड्रग माफिया एल मेंचो के मारे जाने के बाद पूरे देश में हिंसा, भारत ने जारी की एडवाइजरी
राहुल ने एक्स पर लिखा, ‘मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं। एपस्टीन फाइल्स में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना – ये शर्म की बात है।’अडाणी से जुड़े मामलों पर भी उन्होंने टिप्पणी की और कहा कि यह सिर्फ एक कारोबारी का मामला नहीं है, बल्कि सरकार की वित्तीय व्यवस्था से जुड़ा सवाल है।राहुल गांधी ने कहा कि वे और उनकी पार्टी देश, किसानों, मजदूरों, छोटे और मझोले उद्योगों तथा संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे डरें नहीं और पीछे न हटें।
मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं।
Epstein files में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना - ये शर्म की बात है।
आपने अमेरिका के साथ जो Trade deal की है, जिसमें आपने देश को बेच दिया - ये… pic.twitter.com/fLFJf4SjNC
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 23, 2026
पप्पू यादव और निशिकांत दुबे के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, अदाणी की देवघर यात्रा से BJP जॉइनिंग की अफवाहों तक वार-पलटवार
बजट सत्र के दौरान क्या-क्या हुआ था?
बजट सत्र 2026 के दौरान राजनीतिक गतिरोध ने नई ऊंचाइयां छू लीं थी, जब जेफरी एपस्टीन फाइल्स को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के कथित संबंधों पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला। यह मुद्दा संसद में भारी हंगामे और स्थगन का कारण बना।लोकसभा में राहुल गांधी ने बजट बहस के दौरान जेफरी एपस्टीन फाइल्स का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी के नाम लिया था। राहुल ने सवाल उठाया कि अगर उनके नाम फाइल्स में हैं तो फिर अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई। इस बयान ने विपक्षी दलों कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), और डमीके (DMK) को उकसाया, जिन्होंने पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में जोरदार नारेबाजी की। इसके चलते संसद की कार्यवाही कई बार बाधित और स्थगित करनी पड़ी।हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा कि उनका एपस्टीन से केवल 3-4 बार मुलाकात हुई थी, और वह भी इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के डेलिगेशन के सदस्य के तौर पर। उन्होंने अपनी ईमेल बातचीत को भारत के प्रमोशनल प्रयासों के तहत बताया और विपक्ष खासतौर पर राहुल गांधी पर 'बुफ़ूनरी' यानी हास्य-व्यंग्य करने का आरोप लगाया।




