पटनाः बिहार चुनाव से पहले बीजेपी अपनों को मनाने में जुटी हुई है। पूर्व केंद्रीय आरके सिंह की नाराजगी दूर करने के बाद बाद अब लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी छोड़कर गए भोजपुरी सिनेमा के स्टार पवन सिंह को मनाने में बीजेपी सफल हुई है। बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े ने पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के बीच सुलह करा दी। इस मुलाकात के दौरान पवन सिंह सिंह कुशवाहा के सीने से लिपट गए। लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से पवन सिंह निर्दलीय खड़े हो गए थे और कुशवाहा के हार का मुख्य कारण बने थे।
पवन सिंह की जगह बिहार की मनीषा रानी की हुई एंट्री, एक झटके में पलट दिया राइज एंड फॉल का गेम
उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात के बाद पवन सिंह की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। विनोद तावंडे ने पवन सिंह के बीजेपी में शामिल होने में मुख्य भूमिका निभाई। मुलाकात के बाद पवन सिंह ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की. वो हाथ जोड़ते हुए निकल गए।माना जा रहा है कि पवन सिंह के जरिए बीजेपी शाहाबाद इलाके को साधने की कोशिश में जुटी है। अमित शाह ने खुद बिहार चुनाव के लिए मोर्चा संभाल रखा है। पिछले के बार के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शाहाबाद इलाके में झटका लगा था। यहां तक कि खुद उपेंद्र कुशवाहा तक लोकसभा का चुनाव हार गए थे।
प्रशांत किशोर ने दिया कमाई के 241 करोड़ का हिसाब, जनसुराज को चंदा में 98 करोड़ दान किया, कहा- जिनकी मदद की उनसे पैसा लिया
काराकाट से लड़ा था लोकसभा चुनाव: पवन सिंह को पहले बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था लेकिन उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया और बाद में वह बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय ही मैदान में उतर गए। हालांकि उनको सीपीआई माले कैंडिडेट राजाराम सिंह कुशवाहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वहीं एनडीए प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा तीसरे नंबर पर रहे थे। राजाराम को 318730, पवन सिंह को 226474 और कुशवाहा को 217109 वोट मिले थे।
भोजपुरी स्टार पवन सिंह की बीजेपी में वापसी
विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए करेंगे काम
अमित शाह से पवन सिंह की हुई मुलाकात
#BiharElections2025 #PawanSingh pic.twitter.com/jTlPc2DDEk
— Live Dainik (@Live_Dainik) September 30, 2025






