Sanchar Saathi App को लेकर विपक्ष ने BJP को घेरा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- ऐप हैं ऑप्शनल, हो सकेगा डिलीट

डेस्कः मंगलवार को संचार साथी ऐप को लेकर केंद्र सरकार के आदेश पर विवाद गर्मा गया। विपक्ष के सांसदों ने इस ऐप की तुलना इजरायली स्पाईवेयर ऐप पेगासस से कर दी। फोन कंपनियों को संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल के लिए दिए गए निर्देश के बाद शुरू हुए विरोध के बाद सरकार को सफाई देनी पड़ी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भ्रमों को दूर करते हुए कहा कि विपक्ष संचार ऐप लेकर भ्रमित कर रहा है। ये पूरी तरह से ऑप्शनल है, आप इसे रखना चाहते हैं या नहीं।ये आपके ऊपर है। इसे डिलीट किया जा सकता है। ये बाध्यकारी ऐप नहीं है।

बिहार में कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत शर्मा की बेटी ED के रडार पर, बेटिंग ऐप मामले में एक्ट्रेस नेहा शर्मा से पूछताछ
सिंधिया ने बताया कि ये सिर्फ उपभोक्ताओं को सुरक्षा देने के लिए लाया गया है। इससे पहले सरकार के इस कदम पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस ऐप को एक जासूस ऐप करार दिया था और कहा था कि नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। हर किसी को बिना सरकार की नजर के परिवार, दोस्तों को मैसेज भेजने की प्राइवेसी का अधिकार होना चाहिए।सिंधिया ने कहा कि जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वो कुछ न कुछ खोजने की कोशिश कर रहे हैं, तो हम उनकी मदद नहीं कर सकते। हमारा काम उपभोक्ताओं की मदद करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संचार साथी ऐप हर उपभोक्ता को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम बनाता है। संचार साथी पोर्टल को 20 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया है और ऐप 1.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड है।उन्होंने आगे कहा कि संचार साथी ने लगभग 1.75 करोड़ धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट किया है। लगभग 20 लाख चोरी हुए फोन का पता लगाया गया है और लगभग 7.5 लाख चोरी हुए फोन उनके उपभोक्ताओं को सौंप दिए गए हैं, यह सब संचार साथी की वजह से है। यह ऐप जासूसी या कॉल मॉनिटरिंग को सक्षम नहीं करता है। आप इसे अपनी इच्छानुसार सक्रिय या निष्क्रिय कर सकते हैं। यदि आप संचार साथी नहीं चाहते हैं तो आप इसे हटा सकते हैं। यह वैकल्पिक है।

See also  बोकारो में हाथियों के झुंड का आतंकः हमले में एक व्यक्ति की गई जान, दो घायल

Bihar Vidhansabha Session 2025:बीजेपी के प्रेम कुमार निर्विरोध बने स्पीकर, अनंत सिंह और अमरेंद्र पांडे नहीं ले पाएं शपथ

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संचार साथी ऐप को ‘जासूसी टूल’ बताते हुए कहा कि यह नागरिकों की प्राइवेसी पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा, ‘यह एक जासूसी ऐप है… लोगों को प्राइवेसी का अधिकार है. हर किसी को परिवार, दोस्तों को मैसेज भेजने की प्राइवेसी का अधिकार होना चाहिए… वे इस देश को हर तरह से तानाशाही में बदल रहे हैं. संसद इसलिए काम नहीं कर रही है, क्योंकि सरकार किसी भी चीज़ पर बात करने से मना कर रही है. विपक्ष पर इल्ज़ाम लगाना बहुत आसान है. वे किसी भी चीज़ पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं… एक स्वस्थ लोकतंत्र चर्चा की मांग करता है…’

See also  CBI की टीम ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल को लेकर पहुंची स्कूल, NEET पेपर लीक मामले को लेकर कर रही है जांच

अमन साहू गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कसा शिकंजा, राहुल सिंह के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने संचार साथी ऐप को पर जारी किए गए केंद्र सरकार के निर्देशों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा चीफ ने भारतीय जनता पार्टी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश यादव ने लिखा कि बीजेपी जाए तो निजता बच पाए।कन्नौज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद अखिलेश ने लिखा कि जिनका इतिहास ही मुख़बिरी का रहा हो वो जासूसी करना कैसे छोड़ सकते हैं। भाजपा सरकार में अभिव्यक्ति की आज़ादी तो पहले ही छिनी जा रही थी अब घर-परिवार, नाते-रिश्तेदार, मित्रता-कारोबार की आपसी बातचीत पर भी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की गिद्ध निगाह लग जाएगी। अब जनता ने फ़ैसला कर लिया है भाजपा सरकार नहीं चाहिए, तो नहीं चाहिए। भाजपा जाए तो निजता बच पाए!

G7J6IkibgAYOtiB

रांची-मुंबई के 15 ठिकानों पर ED की छापेमारी, चर्चित CA नरेश केजरीवाल FEMA के तहत कार्रवाई
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मोदी सरकार का सभी मोबाइल बनाने वालों को सभी नए और मौजूदा फोन में संचार सारथी ऐप इंस्टॉल करने का आदेश, लोगों की निजता और आज़ादी पर खुला हमला है। दुनिया के किसी भी लोकतंत्र ने ऐसा करने की कोशिश नहीं की है। सरकार द्वारा जाती अधिसूचना में ऐप इंस्टॉल करने के लिए लोगों की सहमति लेने या इसे कभी भी डिलीट करने का विकल्प देने का कोई ज़िक्र नहीं है। आम आदमी पार्टी ऐसे बड़े तानाशाही कामों की निंदा करती है और इस अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग करती है।”

See also  बांग्लादेश में उपद्रवियों ने शेख हसीना के कपड़े तक नहीं छोड़े, ब्लाउज भी चुराए; VIDEO

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now