रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को राजधानी रांची में आयोजित तिरंगा यात्रा को JPSC-JSSC Reform Manch ने ऐतिहासिक बताया। मंच की कोर कमेटी के सदस्य रविंदर कुमार पासवान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की जायज मांगों पर जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।

रविंदर कुमार पासवान ने कहा कि तिरंगा यात्रा का ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं किया गया था, इसके बावजूद झारखंड की राजधानी में छात्रों और युवाओं ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने कहा कि अब सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।


18 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम
पासवान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 18 अगस्त तक यदि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा रद्द करने, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले में CBI जांच का आदेश देने की मांग रखी।
20 अगस्त को CM आवास घेराव की चेतावनी
JPSC-JSSC Reform Manch ने कहा है कि यदि 18 अगस्त तक इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो 20 अगस्त को पूरे झारखंड से छात्र और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
पासवान ने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री आवास के बाहर तब तक डटे रहेंगे, जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
इस घोषणा के बाद झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। सरकार की ओर से इन मांगों और प्रस्तावित घेराव को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अब सभी की नजर है।






