डेस्कः बिहार के गोपालगंज स्थित एक नर्सिंग स्कूल को लेकर जारी हुए फरमान से हड़कंप मच गया है।जानकारी के मुताबिक, जिले के हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल के कैंपस में संचालित जीएनएम स्कूल में प्रिंसिपल के आदेश पर 14 अप्रैल को एक नोटिस चिपकाया गया था। यह फरमान वायरल होने के बाद अब प्रिंसिपल से जवाब मांगा गया है।
इस निर्देश के सामने आने के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बन गई है। देर शाम सीएस के आदेश पर एसीएमओ ने जांच की। जांच के बाद सीएस ने प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें 12 घंटे के अंदर जवाब देना है।बताया जा रहा है कि संस्थान की ओर से शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। इसको लेकर कई अभिभावकों ने आपत्ति जताते हुए इसे छात्राओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताया है।
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नोटिस में लिखा था, ‘सभी छात्राओं को सूचित किया जाता है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करना प्रतिबंधित है।यदि कोई छात्रा इस अवधि में शादी करती है तो इसकी सूचना विभाग को दे दी जाएगी एवं उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा, जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।’इस आदेश को लेकर प्रिंसिपल मानसी सिंह ने बताया कि विभागीय आदेश के आलोक में छात्राओं के एडमिशन के समय ही घोषणा पत्र पर साइन करा लिए जाते हैं। पत्र में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि नामांकित छात्राएं पढ़ाई अवधि के तीन साल तक शादी नहीं करेंगी। शैक्षणिक सत्र (Academic Session) के दौरान शादी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।यह नियम एएनएम और जीएनएम दोनों संस्थानों में छात्राओं के लिए यह लागू किया गया है।
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दूसरी तरफ सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रिंसिपल के आदेश को रद्द कर दिया गया है और प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। 12 घंटे के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।जीएनएम कॉलेज हथुआ में छात्राओं की शादी करने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को डीएम पवन कुमार सिन्हा ने गंभीरता से लिया था और सिविल सर्जन नेतृत्व में टीम बनाई थी।


