गंगा नदी में पानी जहाज हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं: मंत्री

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Live Dainik

March 25, 2022

रांची। झारखंड विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि साहिबगंज और मनिहारी के बीच गंगा नदी में पानी जहाज डूबने की घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि घटना की जांच के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टीम बनाई गई है। इस टीम में एसडीओ के अलावा खनन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि पानी जहाज खराब था और गंगा नदी में रिपेयरिंग के दौरान यह हादसा हुआ। पानी जहाज पर कई ट्रक और लोग थे इनमें से कुछ लोग लापता भी हैं ,लेकिन अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि बिहार और झारखंड के गोताखोर राहत और बचाव कार्य में लगे हैं। लेकिन कितने लोग जुड़े हैं इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। बिहार और झारखंड दोनों और से बचाव और राहत कार्य चलाया जा रहा है। आलमगीर आलम ने बताया कि जहां यह हादसा हुआ है वह क्षेत्र मनिहारी घाट के करीब के करीब 10 किलोमीटर के आसपास है। उन्होंने बताया कि एग्रीमेंट के मुताबिक 2 साल के अंतराल में बिहार और झारखंड की ओर से पानी जहाज का परिचालन किया जाता है और समझौते के अनुरूप किसी घटना होने पर दोनों की सरकार की जिम्मेवारी आती है। उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग मामले की जांच की जा रही है और दोषी होने पर अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले झारखंड विधानसभा में साहिबगंज में हुई नाव दुर्घटना कई लोगों के लापता हो जाने के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही को पूर्वाहन 11.00 बज कर 25 मिनट पर अपराहन 12.00 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही आज सुबह 11.00 बजे शुरू होते ही भाजपा के विरंची नारायण ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि साहिबगंज में गंगा नदी के माध्यम से अवैध रूप से पत्थर का परिवहन किया जा रहा हैं ।पत्थर को लेकर बिहार जा रहे पांच ट्रक गंगा नदी में डूब गए हैं और 3 दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है। उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने पर चिंता जताई और तत्काल राहत तथा बचाव कार्य करने तथा मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने साहेबगंज के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को को भी निलंबित करने की मांग की।
भाजपा के विधायक अनंत कुमार ओझा ने बताया कि यह हादसा उनके विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सुबह जब नींद खुली तो यह ह्रदय विदारक घटना की खबर मिली। उन्होंने बताया कि रात के अंधेरे में ओवरलोडेड ट्रकों को मालवाहक जहाज पर लौटकर किसकी अनुमति से गंगा नदी में परिचालन कर रहा था। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की। झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोबिन हेंब्रम ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि कितने लोगों की मौत हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं है ,लेकिन वे पहले से ही अवैध खनन और अवैध परिचालन के मुद्दे को उठाते रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पत्थर खनन और चोरी का काम जारी है जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस हादसे में सवाद लोग उनके विधानसभा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2021 में ही इस संबंध में उन्होंने बिहार और झारखंड दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था और गंगा नदी के रास्ते पत्थर के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए साहेबगंज के उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने की मांग की। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि फेरी घाट से 2 साल के अंतराल पर बिहार और झारखंड की ओर से परिचालन कराया जाता है ।कुछ दिनों से यह घाट बंद था लेकिन अभी फिर से चालू हुआ है ।इस घाट के माध्यम से भारी वाहनों को भी नाव पर लोड कर बिहार और झारखंड लाया ले जाया जाता है ।उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संसदीय कार्य मंत्री के वक्त अब से भी विपक्षी विधायक चुप नहीं हुए और आसन के निकट आकर हंगामा करते रहे ,जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही को दोपहर 12.00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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