पलामूः मेदिनीनगर में नीट यूजी के लिए चार परीक्षा केंद्र बनाये गये थे। योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर रविवार को 360 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा दो बजे से तय थी, लेकिन केंद्र पर कमरा नंबर 11 में शामिल 48 परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र नहीं मिला। इसके सभी परीक्षार्थी हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले थे। करीब एक घंटे इंतजार के बाद परीक्षार्थियों के सब्र का बांध टूट गया, जिसके बाद वह कक्ष से बाहर निकलकर हंगामा करने लगे, गेट के बाहर अभिभावकों ने भी जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाला। परीक्षार्थियों को किसी तरह समझाया गया। बाद में शाम 6.55 बजे से संबंधित परीक्षार्थियों की परीक्षा ली गयी, जबकि उनकी परीक्षा दोपहर दो बजे से होनी थी।
मामले में सदर एसडीओ सुलोचना मीणा ने बताया कि जब प्रश्न पत्र बांटे जा रहे थे, तो सबसे अंतिम कमरा रूम नंबर 11 में पहुंचने पर पता चला कि हिंदी के प्रश्न पत्र कम हैं। रूम नंबर 11 में सभी परीक्षार्थी हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले थे, लेकिन प्रश्न पत्र कम हो गये। इसके बाद प्रश्न-पत्र मंगवाकर शाम 6.55 बजे से परीक्षा शुरू की गयी। रात 9.55 बजे तक परीक्षा ली गयी। सभी परीक्षार्थियों को घर पर छोड़ने की व्यवस्था की गयी। इस मौके पर परीक्षार्थियों को जलपान भी दिया गया। उन्होंने कहा कि इसमें चूक कहां से हुई है, इसके लिए एनटीए टीम गठिक कर जांच करेगी। परीक्षार्थियों का आरोप है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड किया गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पलामू डीसी दिलीप प्रता सिंह शेखावत, एसपी कपिल चौधरी व सभी प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी। देर शाम परीक्षा में शामिल 48 परीक्षार्थियों के लिए जिला प्रशासन ने बस की व्यवस्था की, जिससे कि रात्रि 10 बजे परीक्षा समाप्त होने पर उनको घरों तक पहुंचाया जा सके।
वहीं जमशेदपुर में सीआईएससीई बोर्ड की आईएससी बायोसाइंस की नेशनल टॉपर शांभवी तिवारी भी रविवार को नीट की परीक्षा में शामिल हुई। वह सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा है। उसका गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज में सेंटर था। शांभवी परीक्षा की व्यवस्था से नाराज दिखी। उसने एबीएम कॉलेज की व्यवस्था के खिलाफ पीएमओ में शिकायत की है। उसने सोशल मीडिया एक्स के जरिये की गयी शिकायत में बताया है कि एमबीएम कॉलेज में एनटीए की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान को भी शांभवी ने अपनी शिकायत भेजी है, हालांकि, एडीएम लॉ एंड ऑडर राहुल जी आनंद जी ने इन आरोपों से इंकार किया। उन्होंने कहा कि मैं खुद एबीएम कॉलेज में मौजूद था। कई बार व्यावहारिक पक्ष को ध्यान में रख कर कार्य किया जाता है।
शांभवी ने बताया कि इस बार एनटीए ने गाइडलाइन जारी कर कहा था कि परीक्षा शुरू होने से खत्म होने के बीच यानी दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे के बीच स्टूडेंट को डिस्टर्ब नहीं किया जाये, लेकिन एबीएम कॉलेज में गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। बार-बार डिस्टर्ब किया गया। परीक्षा के बीच में ही दो बार थंब इंप्रेशन लिये गये। दो जगहों पर साइन कराया गया। परीक्षा में कभी एडमिट कार्ड, तो कभी फोटो की जांच की गयी। इन सबमें 10 मिनट खराब हुए। साथ ही एकाग्रता भी भंग हुई। इस कारण जवाब आने पर भी चार सवाल छूट गये। कुछ विद्यार्थियों को पारदर्शी बोतल में पानी ले जाने दिया गया, तो कुछ को नहीं ले जाने दिया गया।



