लोहरदगा:भारत स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा लोहरदगा जिला के चिरी में आयोजित नेशनल लेवल ट्राइबल मीट का चौथे दिन विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विशेष उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक विविधता से सराबोर रहा। जब पूरी दुनिया में आज विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा था, ऐसे में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को समर्पित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का यह दिन अपने आप में बेहद खास बन गया।

पूरे दिन कैंप का वातावरण आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं, खान-पान, वेशभूषा, कला और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता से जीवंत रहा। विभिन्न राज्यों से आए स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स ने अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के फूड प्लाजा लगाए। स्थानीय पकवानों को तैयार कर प्रतिभागियों ने न केवल उनका प्रदर्शन किया, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों की खान-पान की समृद्ध परंपरा से भी सभी को परिचित कराया।
इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें संबंधित राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, लोककला, परंपराओं और जीवनशैली की आकर्षक झलक देखने को मिली। इन स्टॉलों ने “विविधता में एकता” की भारतीय भावना को साकार किया।
राज्यपाल महामहिम संतोष गंगवार के आगमन से बढ़ा उत्साह
लोहरदगा- विश्व आदिवासी दिवस के उल्लास के बीच शाम को महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार महोदय के आगमन ने भारत स्काउट और गाइड के कैंप के वातावरण को और भी रोमांचक एवं गरिमामय बना दिया। महामहिम राज्यपाल के पहुंचने पर जिला पुलिस बल की महिला इकाई द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार सीधे प्रदर्शनी परिसर पहुंचे। इन्होंने विभिन्न राज्यों के स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और प्रतिभागियों से बातचीत कर उनके राज्य की संस्कृति, परंपराओं एवं प्रदर्शित सामग्री के बारे में जानकारी ली। बच्चों के उत्साह और उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियों को देखकर इन्होंने इनकी सराहना की।
इसके बाद राज्यपाल महोदय मुख्य मंच पर पहुंचे, जहां कैंप फायर के साथ संध्या कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कार्यक्रम में नेशनल हेडक्वार्टर से आए हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। वहीं नेशनल हेडक्वार्टर एवं कैंप लीडर महेंद्र शर्मा ने कैंप की अब तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का प्रतिवेदन राज्यपाल महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ से आई सीमा साहू ने स्कार्फ और पारंपरिक पगड़ी पहनाकर राज्यपाल महोदय का सम्मान किया। इसके बाद विभिन्न राज्यों से आए स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक नृत्य, संगीत और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण फिजिकल डिस्प्ले रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने शानदार मानव पिरामिड का निर्माण कर राष्ट्रीय एकता और सामूहिक शक्ति का संदेश दिया। इस प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।


विकसित भारत के लक्ष्य में स्काउट-गाइड की भूमिका महत्वपूर्ण : राज्यपाल
अपने संबोधन में महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन युवाओं में अनुशासन, सेवा, नेतृत्व, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इन्होंने कहा कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगा और स्काउट-गाइड आंदोलन इस दिशा में युवाओं को तैयार करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। जिला संगठन आयुक्त सह झारखंड स्टेट ग्रोथ काॅडिनेटर गौतम लेनिन ने महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार को तुलसी का पौधा और मोमेंटो प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में लोहरदगा जिले के डीओसी (District Organising Commissioner) गौतम लेनिन द्वारा महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार को तुलसी का पौधा एवं स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट किया।
तुलसी का पौधा भेंट करने का यह अवसर पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का सुंदर संदेश भी दे गया। इस अवसर पर कैंप में उपस्थित स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक राज्यपाल महोदय का अभिनंदन किया।
विश्व आदिवासी दिवस पर दिखी संस्कृति और एकता की अद्भुत तस्वीर नेशनल ट्राइबल मीट का चौथा दिन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत की जनजातीय एवं सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उत्सव बन गया। एक ओर विश्व आदिवासी दिवस की खुशी में जनजातीय क्षेत्रों से आए प्रतिभागी पारंपरिक संस्कृति और उल्लास में झूमते नजर आए, तो दूसरी ओर देश के विभिन्न राज्यों से आए स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स ने अपनी-अपनी संस्कृति के रंग बिखेरकर पूरे कैंप को भारत की विविधता में एकता की खूबसूरत तस्वीर में बदल दिया।
विश्व आदिवासी दिवस के उत्साह और महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार के गरिमामय आगमन ने इस ऐतिहासिक आयोजन में चार चांद लगा दिए। चिरी में आयोजित यह नेशनल लेवल ट्राइबल मीट आदिवासी संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, युवा शक्ति और विकसित भारत के संकल्प का शानदार संगम बनकर उभरा। चौथे दिन का यह आयोजन प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाली सुखद एवं प्रेरणादायक स्मृति बन गया।




