रांचीः JPSC एग्जाम में सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा 18 से 20 जुलाई 2026 तक रांची के अलग-अलग केंद्रों पर होगी। इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म नौ जुलाई 2026 (शाम पांच बजे) तक भरे जायेंगे। जबकि हार्ड कॉपी 14 जुलाई 2026 तक जमा होंगे।
मुख्य परीक्षा दो पालियों में होगी
JPSC मुख्य परीक्षा दो पालियों में होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दिन के एक बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक होगी। 18 जुलाई को प्रथम पाली में प्रथम पत्र और दूसरी पाली में द्वितीय पत्र,19 जुलाई को प्रथम पाली में तीसरे पत्र और द्वितीय पाली में चौथे पत्र की परीक्षा होगी, जबकि 20 जुलाई को प्रथम पाली में पांचवें और द्वितीय पाली में छठे पत्र की परीक्षा होगी। 950 अंको की मुख्य परीक्षा के बाद 100 अंक का इंटरव्यू का आयोजन होगा।मुख्य परीक्षा में प्रथम पत्र 100 अंक, द्वितीय पत्र 150 अंक की होगी, जबकि अन्य पत्र की परीक्षा 200-200 अंकों की होगी। इंटरव्यू के लिए न्यूनतम अर्हतांक (qualifying marks) की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
आंसर-की को लेकर कई बार हुआ संशोधन
सिविल सेवा परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को राज्य के 564 केंद्रों पर ली गई थी। परीक्षा के लिए 2,17104 अभ्यर्थी को एडमिट कार्ड जारी किया गया था। जबकि प्रथम पाली में 110973 व द्वितीय पाली में 110875 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।इसके बाद आयोग ने 20 अप्रैल 2026 को मॉडल आंसर -की जारी किया।
मामला हाइकोर्ट में था
इधर सिविल सेवा परीक्षा में उम्रसीमा में छूट देने का मामला हाइकोर्ट चला गया था। हाइकोर्ट में सुनवाई के बाद पीटी रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया।इसके बाद ही आयोग ने शुक्रवार को रिजल्ट जारी कर दिया।
कुल 103 पदों पर होनी है नियुक्ति
सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 103 पदों पर नियुक्ति होनी है. इनमें उपसमाहर्ता के 28 पद, पुलिस उपाधीक्षक के 42 पद, जिला समादेष्टा (गृह) के दो पद, प्रोबेशन अधिकारी के चार पद, सहायक निदेशक (महिला बाल विकास) के तीन पद, सहायक निदेशक (कृषि) के दो पद, सहायक नगर आयुक्त के 10 पद, कारीधीक्षक के दो पद, सहायक निदेशक सह जिला जन संपर्क अधिकारी के 10 पद शामिल हैं। इनमें अनारक्षित के 50 पद, एसटी के 26 पद, एशसी के सात पद, बीसी वन के छह पद, बीसी टू के आठ पद व इडब्ल्यूएस के छह पद हैं। क्षैतिज आरक्षण के तहत महिला को दो पद, दृषि नि:शक्त के दो पद, श्रवण नि:शक्त के चार पद और चलन नि:शक्त के एक पद तथा ऑटिज्म आदि के एक पद हैं।


