डेस्कः पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा। उनकी पार्टी के प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसके बाद ममता बनर्जी अब इस उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन दे रही है। इससे पहले गुरुवार को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सिंबल को चुनाव आयोग ने फ्रीज करने का आदेश दिया था।अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता को दूसरे चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं।

बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि “यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है। उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी इसी तरह तोड़ा गया था। चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक है।बिहार में लोगों के वोट का अधिकार छीना गया और अब पश्चिम बंगाल में भी वही किया जा रहा है। चुनाव आयोग की यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। बीजेपी ने चुनावी प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया है। बीजेपी का काम संविधान को खत्म करना है। चुनाव आयोग ने लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया।

हमारे 14 हजार टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है या वे जेल का सामना कर रहे हैं। यह एक विश्व रिकॉर्ड है। पुलिस की ज्यादतियां बेहद गंभीर हैं। हमें रैली निकालने के लिए अदालत से अनुमति लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है? एक नागरिक के रूप में मुझे अपनी स्वतंत्रता नहीं मिल रही है। ग्रासरूट्स का मतलब तृणमूल कांग्रेस है। हमारी पार्टी में जिला स्तर से लेकर ऊपर तक संगठनात्मक चुनाव होते हैं।
Our Hon'ble Chairperson, @MamataOfficial addressed the Media today, in Kalighat. pic.twitter.com/nvt8xCkIFF
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) September 18, 2026
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
टीएमसी प्रमुख ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा।उन्होंने कहा कि आयोग को निष्पक्ष संस्था की तरह काम करना चाहिए, लेकिन वह लोकतंत्र के मूल्यों और सिद्धांतों का पालन करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। ममता ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। ममता बनर्जी के इस बयान के बाद सियासी बहस और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चुनावी मुद्दों और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और बढ़ सकता है।
शुभेंदु का गढ़ माना जाता है नंदीग्राम
2021 में नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी मैदान में उतरे थे। शुभेंदु को मात देने के लिए ममता ने यहां से पर्चा दाखिल किया था। हालांकि, ममता बनर्जी इस सीट से चुनाव हार गई। शुभेंदु नेता प्रतिपक्ष बनाए गए। 2026 के चुनाव में शुभेंदु फिर यहां से मैदान में उतरे। 2026 में भवानीपुर के साथ यहां से भी शुभेंदु को जीत मिली। शुभेंदु ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। यहां से बीजेपी ने शुभेंदु के पूर्व पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद चंद्रनाथ की हत्या कर दी गई थी।
6 अक्टूबर को उपचुनाव, 9 को रिजल्ट
चुनाव आयोग के मुताबिक नंदीग्राम सीट पर अगर चुनाव होता है तो 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। 16 सितंबर को यहां नामांकन की आखिरी तारीख थी।ऋतब्रता गुट ने यहां से मोहम्मद एतेशामुल को उम्मीदवार बनाया गया है।
वहीं कांग्रेस के सिंबल पर मिलन प्रधान यहां से उम्मीदवार हैं। सीपीआई ने गोपाल गिरी को मैदान में उतारा है।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कारण यह सीट सुर्खियों में है।
नंदीग्राम उपचुनाव के चक्कर में सिंबल फ्रीज
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव के कारण शुक्रवार को चुनाव आयोग ने टीएमसी के सिंबल पर फैसला लिया।आयोग ने इससे पहले लंबी सुनवाई के बाद गुरुवार को सिंबल फ्रीज करने का आदेश दिया। दरअसल, ऋतब्रत बनर्जी गुट का दावा है कि उनके पास विधायकों की संख्या है, जिसके कारण वे लोग असली टीएमसी का प्रतिनिधित्व करते हैं।वहीं ममता गुट का कहना है कि संख्या बल उनके पास है।





