पटना: बिहार में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी के चलते गणना प्रपत्रों के संग्रह अभियान ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य के कुल 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 74.39% यानी करीब 5.87 करोड़ लोगों ने अब तक अपने गणना प्रपत्र जमा कर दिए हैं। यह उपलब्धि गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई से 14 दिन पहले ही दर्ज की गई है।
1 लाख बीएलओ कर रहे हैं ड्यूटी
एसआईआर (सार्वजनिक सूचना रजिस्ट्री) के दूसरे चरण में 77,895 नियमित और 20,603 नव नियुक्त बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। इन अधिकारियों को 38 जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), 243 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और 963 सहायक ईआरओ की टीम का सहयोग मिल रहा है।
3.73 करोड़ प्रपत्र डिजिटाइज
अब तक एकत्र किए गए 5.87 करोड़ गणना प्रपत्रों में से 3.73 करोड़ प्रपत्र बीएलओ ऐप और ईसीआईनेट के माध्यम से डिजिटाइज किए जा चुके हैं। ईसीआईनेट पर एईआरओ/ईआरओ द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया के लिए आज एक नया मॉड्यूल भी लागू किया गया है, जिससे सत्यापन कार्य में गति आएगी।
1.56 लाख बीएलए का सहयोग
इस अभियान में 4 लाख से अधिक स्वयंसेवक – जिनमें बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमारों और कमजोर वर्गों की सहायता करने वाले लोग शामिल हैं – सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। साथ ही, सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.56 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट्स) ने भी गणना प्रपत्रों के संग्रह में अहम भूमिका निभाई है।
क्या है गणना प्रपत्र?
गणना प्रपत्र के ज़रिए प्रत्येक मतदाता की जानकारी को अद्यतन और सत्यापित किया जा रहा है। यह प्रक्रिया आगामी निर्वाचन सूचियों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद करेगी। गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2025 तय की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि जिन लोगों ने अब तक फॉर्म नहीं भरे हैं, वे जल्द से जल्द अपने बीएलओ से संपर्क करें या निकटतम सुविधा केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करें।




