पटना: हावड़ा–अमृतसर पंजाब मेल एक्सप्रेस (Howrah–Amritsar Punjab Mail Express) में बम होने की झूठी सूचना देकर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक आरोपित को राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया।तकनीकी अनुसंधान से आरोपित की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के राधार घाट निवासी प्रदीपन भट्टाचार्य (44 वर्ष) के रूप में हुई है। मोकामा से जीआरपी व आरपीएफ की विशेष टीम ट्रेन में चढ़ी।इसके बाद बख्तियारपुर पहुंचने तक बम की अफवाह फैलाने वाले युवक की पहचान हो गई। ट्रेन में ही पुलिस ने इसको कब्जे में लेकर उसका मोबाइल खोजने लगी।आरोपित ने मोबाइल आफ कर छुपा दिया था। सख्ती से पूछताछ के बाद पुलिस ने जब मोबाइल बरामद कर लिया, जिससे बम की सूचना दी गई थी।
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ट्रेन रोकने के लिए फैलाई अफवाह
आरोपित को पटना जंक्शन पर उतारा गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि 10 अप्रैल को उसे अपने साथियों के साथ अंबाला कैंट जाना था, लेकिन हावड़ा स्टेशन देर से पहुंचने के कारण ट्रेन छूट गई। इसके बाद उसने एक होटल में शराब पीकर ट्रेन को रुकवाने की साजिश रची।योजना के तहत आरोपित ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दी, ताकि ट्रेन को रोका जा सके और वह उसे पकड़ सके। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और तकनीकी जांच शुरू की गई।
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दूसरी ट्रेन में चढ़कर निकला आरोपी
इस दौरान आरोपित ने दूसरी ट्रेन से बर्द्धमान पहुंचकर पंजाब मेल एक्सप्रेस को पकड़ भी लिया, लेकिन उसकी गतिविधियों को ट्रैक कर लिया गया।रेल पुलिस और RPF की संयुक्त टीम ने डिजिटल ट्रेसिंग और समन्वित कार्रवाई के जरिए आरोपित को दबोच लिया। उसके पास से एक टच स्क्रीन मोबाइल बरामद किया गया, जिससे उसने अफवाह फैलाई थी।इस ऑपरेशन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (रेल) भाष्कर रंजन, मोकामा जंक्शन के प्रभारी निरीक्षक रबिन्द्र यादव तथा रेल थाना मोकामा के थानाध्यक्ष नितीश कुमार की टीम की अहम भूमिका रही।


