Bihar में सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

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April 11, 2026

Bihar में सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

पटना: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में बेहतर और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।इस फैसले के बाद अब सरकारी सेवा में कार्यरत डॉक्टर निजी क्लीनिक या प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।

 

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किन डॉक्टरों पर लागू होगा फैसला, सरकार ने किया स्पष्ट
सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग और इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान से जुड़े चिकित्सकों और शिक्षक डॉक्टरों पर लागू होगा।इसका मतलब है कि मेडिकल कॉलेजों और बड़े सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर भी अब निजी प्रैक्टिस से दूर रहेंगे।

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सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी उपलब्धता, मरीजों को होगा फायदा
सरकार का मानना है कि निजी प्रैक्टिस के कारण कई बार डॉक्टरों की प्राथमिकता बंट जाती है, जिससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।इस रोक के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति अस्पतालों में बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आय की भरपाई के लिए मिलेगा नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस
सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि निजी प्रैक्टिस बंद होने से डॉक्टरों की आय प्रभावित हो सकती है। ऐसे में उन्हें नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) या अन्य प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है।

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