मियामी, फ्लोरिडा: अमेरिका में अवैध ढंग से रह रहे प्रवासियों के साथ जानवरों जैसा सलूक हो रहा है । ह्यूम राइट वाच की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि हथकड़ियों में बंधे प्रवासियों को घुटनों के बल बैठाकर स्टायरोफोम प्लेटों से “कुत्तों की तरह” खाना खाने पर मजबूर किया गया।
यह मामला अमेरिका डाउनटाउन मियामी फेडरल डिटेंशन सेंटर का है, जहां दर्जनों बंदियों को घंटों एक ही सेल में ठूंस कर रखा गया और शाम 7 बजे तक भोजन नहीं दिया गया। जब भोजन दिया गया, तब भी वे हथकड़ी में जकड़े रहे और कुर्सी पर रखी थालियों से खाना खाने को मजबूर हुए। “हमें जानवरों की तरह खाना पड़ा,” रिपोर्ट में एक बंदी पेड्रो के हवाले से कहा गया।
पुरुषों के सामने शौच करती हैं महिलाएं
रिपोर्टम में दावा किया गया है कि क्रोम नॉर्थ सर्विस प्रोसेसिंग सेंटर (वेस्ट मियामी) में महिला बंदियों को पुरुषों की मौजूदगी में खुले में शौचालय उपयोग करने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें न तो उचित चिकित्सा सुविधा दी गई, न ही शावर या पर्याप्त भोजन। बेतहाशा भीड़ के कारण कई बंदियों को 24 घंटे से अधिक समय तक पार्किंग में खड़ी बस में बंद रखा गया। पुरुष और महिलाएं एक ही बस में रहे और केवल एक शौचालय का उपयोग कर पाए, जो जल्दी ही जाम हो गया। रिपोर्ट में एक कैदी ने बताया कि “हम बस में इतने समय तक बंद रहे कि कई लोगों को उसी शौचालय में मलत्याग करना पड़ा। पूरी बस में गंदगी और बदबू फैल गई,” ।

बर्फ जैसी ठंडी कोठरी में बिना बिस्तर रातें
बंदियों को हिरासत केंद्र के अंदर ले जाया गया, तो कई लोगों को 12 दिनों तक एक अत्यधिक ठंडी इनटेक रूम में रखा गया, जिसे बंदियों ने “ला हिएलेरा” (बर्फ का डिब्बा) नाम दिया। वहां न बिस्तर था, न गर्म कपड़े, और उन्हें ठंढे सीमेंट के फर्श पर ही सोना पड़ा। एक महिला बंदी एंड्रिया ने बताया: “जब मैं वहां से गई, लगभग सभी विज़िटेशन रूम में बंदी रखे जा चुके थे। कुछ इतने भरे हुए थे कि लोग खड़े-खड़े ही समय गुजार रहे थे।”
विरोध कर रहे बंदियों को पीटा, उंगली तोड़ी गई
अप्रैल में ही मियामी जेल में एक घटना में स्टाफ ने सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया और एक ‘डिस्टर्बेंस कंट्रोल टीम’ भेजी, जिसने ब्लड खांस रहे एक बंदी को इलाज ना मिलने पर विरोध कर रहे बंदियों को पीटा। एक बंदी की उंगली तोड़ दी गई।
अमेरिका आने की कीमत पड़ रही है चुकानी
तीनों केंद्रों में भीषण भीड़ के कारण फ्लोरिडा सरकार अब एवरग्लेड्स में “एलिगेटर अलकाट्राज़” नामक नया डिटेंशन सेंटर बना रही है, जो 5000 अप्रवासी बंदियों को रखने के लिए तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में प्रतिदिन औसतन 56,400 अप्रवासी हिरासत में थे, जिनमें से लगभग 72% का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वर्ष 2024 में यह औसत 37,500 था।




