डेस्कः धनबाद पुलिस ने गुरुवार को 785 चिन्ह्रित दागी लोगों की सामूहिक परेड करायी। मौके पर सभी दागी अपराधियों को सामूहिक शपथ दिलायी गयी कि वह भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध, गैर-सामाजिक गतिविधि अथवा कानून-विरोधी कार्य में शामिल नहीं होंगे। समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी पहचान बनायेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने इस अभियान का मकसद अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखना और चिन्ह्रित अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करना है। इसका आयोजन धनबाद पुलिस लाइन में किया गया। इस दौरान दागियों का सत्यापन किया गया और उन्हें अपराध से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गयी। पुलिस अधिकारियों ने इसे राज्य में अपनी तरह की पहली और बड़ी कार्रवाई बताया। एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति को रोकना भी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अच्छा आचरण और आपराधिक गतिविधियों से दूरी बनाये रखने वालों का नाम दागी सूची से हटाने पर विचार किया जायेगा।

पुलिस बनाएगी अपराधी एलबम
अपराध पर निर्णायक प्रहार की तैयारी में धनबाद पुलिस ने बड़ी पहल की है। अब जिले के सभी थाना क्षेत्रों के दागी अपराधियों का विस्तृत ‘अपराधी एल्बम’ तैयार किया जाएगा। इस विशेष एल्बम में प्रत्येक दागी का नवीनतम छायाचित्र, पूरा पता, दूरभाष क्रमांक, आपराधिक इतिहास, न्यायालय में लंबित मामलों का ब्योरा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहेंगी। इसका उद्देश्य अपराधियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखना और किसी भी वारदात के बाद त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि प्रत्येक थाने के पास अपने क्षेत्र के दागी अपराधियों का अद्यतन रिकॉर्ड रहेगा। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस इलाके में कितने सक्रिय अपराधी हैं, उनकी गतिविधियां क्या हैं और किन लोगों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि आधुनिक और सुनियोजित निगरानी व्यवस्था अपराध नियंत्रण के लिए बेहद जरूरी है और इसी सोच के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तक सीमित नहीं है। जो लोग अपराध का रास्ता छोड़कर सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से दागी अपराधियों की नियमित काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे अपराध से दूरी बनाकर रोजगार, सामाजिक जीवन और कानून के प्रति सम्मान का मार्ग अपनाएं।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि धनबाद पुलिस “सख्ती भी, सुधार भी” की नीति पर काम कर रही है। एक ओर दागी अपराधियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी, तो दूसरी ओर उन्हें नई शुरुआत का अवसर भी दिया जाएगा। पुलिस को विश्वास है कि निगरानी, संवाद और सुधार की यह संयुक्त रणनीति जिले में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।


