आलमगीर आलम ने मंत्रीपद से इस्तीफा दिया, ED की कर रही है पूछताछ ईडी को मिली है 6 दिनों की रिमांड

पूर्व मंत्री आलमगीर आलम सहित तीन के खिलाफ सरकार ने मुकदमा चलाने की नहीं दी अनुमति, ED ने की थी मांग

Alamgir Alam Update -ED द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद मंत्री आलमगीर आलम ने इस्तीफा दे दिया है । उन्होंने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णण के पास अपना इस्तीफा भेज दिया है ।

रांची: टेंडर कमीशन घोटाला मामले में गिरफ्तार झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पूछताछ शुरू कर दी है। पीएमएलए कोर्ट ने ईडी को मंत्री की 6 दिनों की रिमांड दी थी। ईडी की टीम उन्हे रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से लेकर हिनू स्थित ईडी के दफ्तर पहुंची और पूछताछ शुरू कर दी।

Alamgir Alam का टेंडर में हिस्सा ड़ेढ़ प्रतिशत, पकड़ा गया 32.20 करोड़ रूपया भी मंत्री का- ED का दावा
टेंडर कमीशन की रकम के साथ गिरफ्तार किये गये मंत्री के ओएसडी संजीव लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम अभी भी ईडी की रिमांड पर है। ईडी इन तीनों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। नोटों के बंडल के बीच मिले कमीशन की रकम और पुर्जो को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम ने टेंडर में डेढ़ प्रतिशत कमीशन की बात कबूल की थी और राजनेता और नौकरशाह के पूरे नेटवर्क के बारे में बताया था। ईडी ने मंत्री आलगीर आलम को रिमांड पर लिये जाने को लेकर कोर्ट में दिये गये रिमांड पिटीशन में दावा किया है कि मंत्री को भी टेंडर में डेढ़ प्रतिशत का कमीशन मिलता है। ईडी की टीम इसी मामले और संपत्ति से जुड़े मामले को लेकर मंत्री से पूछताछ करेगी।

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रिमांड पिटीशन में ईडी ने कमीशनखोरी की चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग के एक सहायक अभियंता द्वारा कमीशन की वसूली पर ध्यान दिया जाता है। जांच में पाया गया कि कुल लागत का डेढ़ प्रतिशत कमीशन के रूप में मंत्री के लिए निर्धारित था। कमीशनखोरी के जांच के दौरान 6, 7 और 8 मई को संजीव-जहांगीर सहित अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 37.50 करोड़ रूपया कैश बरामद किया गया, जिसमें 32.20 करोड़ रूपया जहांगीर के घर से बरामद किये गये। यह रकम संजीव लाल के निर्देश पर जहांगीर ने आलमगीर आलम के लिए वसूले थे। ईडी ने कोर्ट में बताया कि जहांगीर के घर नोटों के अलावा सरकारी दस्तावेज मिले थे जो मंत्री के आप्त सचिव संजीव लाल के पास होना चाहिए था। इससे यह प्रमाणित होता है कि संजीव लाल मंत्री से संबंधित दस्तावेज जहांगीर के घर रखता था।

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