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कोलकाता में स्ट्रांग रूम के बाहर ममता बनर्जी का धरना,TMC ने EVM में हेराफेरी का लगाया आरोप,घंटो चला हाई वोल्टेज ड्रामा

कोलकाता में स्ट्रांग रूम के बाहर ममता बनर्जी का धरना,TMC ने EVM में हेराफेरी का लगाया आरोप,घंटो चला हाई वोल्टेज ड्रामा

डेस्कः पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब मतगणना पर सबकी नजर है। वहीं पश्चिम बंगाल की राजधानी में गुरुवार रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। टीएमसी ने उत्तरी कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र पर धरना दिया। इस केंद्र के स्ट्राॅन्ग रूम में ईपीएम रखी हैं। टीएमसी के उम्मीदवारों कुणाल घोष और शशि पांजा का आरोप है कि बना उन्हें सूचना दिए स्ट्राॅन्ग रूम खोला गया। बैलेट बाॅक्स खोलने की कोशिश की गई। यह भी दावा है कि लाइव स्ट्रीमिंग में अंदर संदिग्ध हलचल दिख रही हे।कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में ईवीएम के साथ ‘संदिग्ध छेड़छाड़’ के आरोपों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच भारी हंगामा हुआ। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खुद रात को मैदान में उतरना पड़ा।


स्ट्रांग रूम के बाहर धरना और भारी नारेबाजी
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी प्रत्याशी कुणाल घोष और मंत्री शशी पांजा ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम के अंदर बाहरी लोग संदिग्ध रूप से घूम रहे हैं। इसके विरोध में दोनों नेता कार्यकर्ताओं के साथ खुदीराम अनुशीलन केंद्र के गेट पर धरने पर बैठ गए।
माहौल तब और गरमाया जब भाजपा प्रत्याशी तापस राय और संतोष पाठक भी वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और ‘जय बांग्ला’ बनाम ‘जय श्रीराम’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और रात करीब 9:30 बजे धरना दे रहे नेताओं को हटाया गया।


ममता का 'पहरा' और 'रात जगा' संदेश
इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार रात करीब आठ बजे भवानीपुर के शेखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांग रूप सह मतगणना केंद्र पहुंच गईं। उन्होंने वहां स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया और पार्टी प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं को कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।परंतु,वह वहीं रात 12 बजे तक बैठीं रहीं बाद में करीब 12.10 बजे वह बाहर निकलीं। सूत्रों के अनुसार, ममता ने प्रत्याशियों को 'रात जागकर' पहरा देने और शौच आदि के लिए बाहर जाने पर भी किसी को तैनात रखने का निर्देश दिया है।


आयोग की सफाई: 'नियमों के तहत हो रहा था काम'
टीएमसी के आरोपों पर मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल और अन्य अधिकारियों ने रात में संवाददाता सम्मेलन करते हुए प्रत्याशियों को जारी पत्र भी मीडिया से साझा किया। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं।डीईओ (उत्तर कोलकाता) स्मिता पांडे और आयोग के बयानों के अनुसार, स्ट्रांग रूम के गलियारे में केवल पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्रों) की छंटनी का काम चल रहा था।
आयोग ने साक्ष्य के रूप में ईमेल और पत्र साझा किए, जिसमें 30 अप्रैल को शाम चार बजे होने वाली इस प्रक्रिया के बारे में सभी प्रत्याशियों और एजेंटों को 29 अप्रैल को ही सूचित कर दिया गया था। आयोग ने यह भी बताया कि स्ट्रांग रूम में बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण कर्मचारी कानूनन टॉर्च की रोशनी में काम कर रहे थे।
कुणाल घोष ने प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया कि बिना सूचना के स्ट्रांग रूम नहीं खोले जाएंगे और वहां अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे व डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी। बंगाल में मतगणना चार मई को होनी है, तब तक दोनों दलों के बीच 'स्ट्रांग रूम वाच' जारी रहने के आसार हैं।

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