रांचीः सिंगापुर की मेनहर्ट कंपनी ने झारखंड के वरिष्ठ नेता सरयू राय को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। यह नोटिस रांची सीवरेज परियोजना में कथित अनियमितताओं पर सरयू राय के वर्षों पुराने आरोपों के कारण भेजा गया है। सरयू राय ने 2006 में दुनिया की बड़ी कंसलटेंट कंपनी मेनहर्ट पर आरोप लगाये थे। उन्होंने कहा था कि रांची के सिवरेज-ड्रेनेज सिस्टम बनाने के लिए नियुक्ति कंसलटेंट की नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है। उस समय पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास नगर विकास मंत्री थे।मानहानि नोटिस मिलने के बाद सरयू राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 20 साल बाद इन्हें महसूस हुआ कि मैंने इस मामले में उनकी मानहानि की है।
दरअसल, रांची में 2005-06 में सीवरेज-ड्रेनेज के लिए मैनहर्ट कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन काम पूरा नहीं हुआ इसकी जांच कराने की मांग सरयू राय ने की। मामला एसीबी और कोर्ट तक पहुंचा लेकिन कंपनी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं हुआ। कोर्ट ने मामले को खारिज करते हुए सरयू राय को इस मामले में किसी थाने में कंप्लेन करने की सलाह दी, इसके बाद सरयू राय ने रांची के थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वही दूसरी ओर अब मैनहर्ट कंपनी ने सरयू राय की घेराबंदी शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा है कि तत्कालीन सरकार ने सरयू राय के मुताबिक निर्णय नहीं लिया तो मामले को विवादित करते रहे। उन्होंने इस मुद्दे पर किताब लिखकर भी कंपनी की मानहानि की है। इसलिए उनपर केस चलाया जाए। कंपनी ने दावा किया है कि रांची में वर्ष 2005-06 में सीवरेज-ड्रेनेज के कंसल्टेंसी के संबंध में प्रारंभ से लेकर अंत कर सारे निर्णय कैबिनेट या सक्षम स्तर से लिए गए हैं।




