वो थी दूसरे की मंगेतर…10 दिनों बाद होने वाली थी शादी…तभी प्रेमी ने रची ऐसी साजिश की…

गिरिडीह में प्रेमी ने रची साजिश

गिरिडीहः अशोक दास के घर में शादी की तैयारियां चल रही थी । सेहरा सजने वाला था । घर में रंग-रोगन हो चुके थे । मिठाइयाों के आर्डर हो चुके  थे। शादी के कार्ड बंट चुके थे.. बस मेहमान आने वाले थे की पुलिस आ धमकी । आखिर अशोक के घर पुलिस आती भी क्यों नहीं । पिस्टल और गोलियां जिसके घर और दुकान से मिलेगी उसे पुलिस कहां बख्शने वाली ।  लिहाजा खबर जंगल की आग की तरह गिरिडीह में फैल गई। लड़की के घर वाले सदमे में चले गए और लड़का हवालात में । शादी की वरमाला की जगह गले में कानूनी शिकंजा और हाथों में बेड़ियां पड़ गईं ।

शादी रोकने के लिए हथियार रखे

जी हां! खबर चौंकाने वाली और बेहद दिलचस्प है। गिरिडीह पुलिस ने रविवार को गुप्त सूचना के आधार शिक्षक की  दुकान से पिस्टल और कारतूस बरामद किए । अशोक को गिरफ्तार कर लिया गया और छानबीन शुरु की गई । पेशे से शिक्षक अशोक से बातचीत करने पर पुलिस को संदेह हुआ कि शिक्षक बेगुनाह है और इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ी । अशोक की शादी दस दिसंबर को होने वाली है।

गिरिडीह में प्रेमी ने रची साजिश

असली गुनहगार बाहर, निर्दोष अंदर

पुलिस ने कॉल डिटेल्ट और गुप्त सूचना देने वाले की जांच की दिशा में कदम बढ़ाया तो खुलासे होने लगे । महज तीन दिन में पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई । पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया और जो खुलासा किया वो चौंकाने वाला निकाला। गिरिडीह पुलिस के मुताबिक अशोक की शादी होने वाली थी और इस शादी को हर हाल में कैंसिल कराना चाहता था जतिन दास ।

एक तरफा प्यार में साजिश

दरअसल, एकतरफा प्रेम में आरोपी युवक ने एक शिक्षक को फंसाने के लिए गंभीर साजिश रच डाली। आरोपी ने शिक्षक अशोक दास के घर के पास एक कारतूस छिपा दिया, जबकि उनके भाई की दुकान के नीचे दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस रख दिए। इसके बाद आरोपी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हथियार बरामद किए और जांच शुरू की।

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पूछताछ में दूल्हा निकला निर्दोष

पूछताछ के दौरान, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पपरवाटांड़ निवासी शिक्षक अशोक दास को निर्दोष पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार ने सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने हर पहलू की जांच की और पाया कि अशोक को साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई थी।

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प्रेमी को पुलिस ने दबोचा

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भूराही निवासी जीतन दास (पिता होरिल दास), बनियाडीह सीसीएल क्वार्टर नंबर बी-20 निवासी डब्लू कुमार दास (पिता गुलाब चंद दास), और देवरी खाजाटोल निवासी मनोज चौधरी (पिता विजय महथा) शामिल हैं। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि जीतन दास उस लड़की से शादी करना चाहता था, जो अशोक की मंगेतर बन चुकी थी। दिसंबर में अशोक की उसी लड़की से शादी तय थी, जिससे नाराज होकर जीतन ने अशोक को जेल भिजवाने की साजिश रची।

 

प्रेमी ने जुर्म कबूला

इस योजना के तहत अशोक के भाई की गुमटी के नीचे दो देसी पिस्तौल और दो कारतूस रखे गए और अशोक के घर के बाहर मिट्टी के बोरे में एक कारतूस छिपाया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मनोज चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

गिरिडीह पुसिस को बड़ी कामयाबी

गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि विशेष टीम ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए निर्दोष को फंसाने की साजिश को नाकाम कर दिया। इस विशेष टीम में मुफस्सिल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो, अवर निरीक्षक संजय कुमार, बुधेश्वर उरांव, मुकेश कुमार पंडित, सहायक अवर निरीक्षक राहुल रंजन सिंह और सुंदर लाल मंडल शामिल थे।

 

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