शराब घोटाले में ED ने 3 ECIR किया दर्ज, पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव समेत कई अफसर रडार पर

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June 30, 2026

पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित ने फिर भेजा समन, 6-7 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया

रांची: झारखंड में शराब घोटाला से संबंधित कांडों में ईडी ने अपनी जांच तेज की है। ईडी की रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में इससे जुड़ी तीन अलग-अलग ईफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) की है।एक ईसीआइआर देवघर व जामताड़ा में दर्ज कांडों के आधार पर है तो दूसरी ईसीआइआर रायपुर की आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दर्ज की गई थी। तीसरी ईसीआइआर एसीबी रांची में दर्ज केस के आधार पर गत वर्ष दर्ज की गई थी।
तीनों ही केस में ईडी ने अपनी जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। झारखंड व छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों के सिंडिकेट की हर कड़ियों को खंगाला जा रहा है। तीनों ही ईसीआइआर से जुड़ी फाइलें खंगाली जा रही है। पूर्व की छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेज से घोटाले की तह को खंगाला जा रहा है।पिछले दिनों झारखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री सह वर्तमान में लोहरदगा के विधायक रामेश्वर उरांव व उनके बेटे रोहित उरांव को ईडी का समन भी उन्हीं दस्तावेजों की छानबीन की कड़ी में एक पार्ट है। आगे चलकर कई अधिकारियों, नेताओं को भी समन कर ईडी पूछताछ के लिए बुलाने वाली है।
शराब घोटाले से संबंधित तीन केस, जिसमें ईडी कर रही है पूरे मामले की जांच
केस नंबर एक
झारखंड में शराब घोटाला मामले में ईडी ने पहला इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) 31 मार्च 2022 को किया था। यह ईसीआइआर देवघर में दर्ज चार कांडों के आधार पर किया गया था। ये कांड अवैध तरीके से दूसरे की जमीन पर कब्जा व फर्जी दस्तावेज पर उसकी खरीद-बिक्री, अवैध बालू के कारोबार, अवैध तरीके से शराब की खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ था।जांच में यह सामने आया था कि शराब माफिया योगेंद्र तिवारी ने अपने कर्मियों, सहयोगियों के नाम पर बालू व शराब का कारोबार किया। उसपर अवैध तरीके से बालू खनन व परिवहन, अवैध शराब के भंडारण आदि के भी आरोप लगा था।
योगेंद्र तिवारी पर 16 दिसंबर 2023 को दाखिल चार्जशीट में ईडी ने बताया था कि बालू व शराब के अवैध कारोबार से योगेंद्र तिवारी ने 14.79 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। उक्त ईसीआइआर में ईडी ने देवघर व जामताड़ा से जुड़े 15 और कांडों को जोड़ा था। यानी झारखंड पुलिस की कुल 19 प्राथमिकियों पर ईडी ने जांच शुरू की थी।
केस नंबर दो
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) में वर्ष 2024 में दर्ज शराब घोटाला केस में भी ईडी ने ईसीआइआर किया था। इस केस के तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे व तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह आदि आरोपित बने थे। इस केस के शिकायकर्ता रांची के अरगोड़ा निवासी विकास सिंह थे।
उन्होंने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी व उनसे जुड़े सहयोगियों के साथ मिलकर झारखंड के अधिकारियों ने झारखंड में छत्तीसगढ़ माडल पर शराब नीति लागू की थी। इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा था। इस मामले में ईडी ने आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
केस नंबर तीन
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) झारखंड में 20 मई 2025 को कांड संख्या 09/2025 में पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।इस प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने ईसीआइआर 10/2025 दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस केस में आरोप है कि तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे व अन्य अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान फर्जी बैंक गारंटी देने वाली अयोग्य प्लेसमेंट एजेंसियों को भी मैनपावर आपूर्ति का ठेका दे दिया। इससे राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ।

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