रांचीः एक सितंबर से रांची सहित पूरे राज्य में शराब की बिक्री निजी हाथों में चली जाएगी। लेकिन एक सितंबर से ग्राहकों को महंगी शराब मिलेगी। उत्पाद विभाग ने नई उत्पाद नियमावली 2005 लागू होने के बाद एक सितंबर से शराब व बियर की दरों में वृद्धि कर दी है। कम कीमत वाली शरा व बियर पीने वाले ग्राहकों की संख्या ज्यादा है, इसी की कीमतों में ज्यादा वृद्धि की गई है। 180 रुपए में मिलने वाला 650 एमएल का बियर में 20 रुपए की वृद्धि प्रति बोतल कर दी गई है। वहीं ब्लेडर्स प्राइड 750 एमएल की कीमत पूर्व में 1050 थी। जिसकी कीमत बढ़ाकर अब 1200 कर दिया गया है।
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1950 रुपए में बिकने वाला 100 प्राइपर 750 एमएल की कीमत अब 2200 रुपए होगी। ये तो ब्रांड है जिसकी बिक्री सबसे ज्यादा होती है। इधर एक सितंबर से शराब पर नया वैट दर लगेगा। इसे लेकर शराब के उठाव पर भी संशय बन गया है। क्योंकि पुराना वैट 31 सितंबर तक लागू रहेगा। पुराना शराब का उठाव कोई नया दुकानदार नहीं करेगा। इसकी वजह से एक सितंबर को सभी खुदरा दुकानों पर शराब उपलब्ध होगा इसे लेकर भी संशय बन गया है। दुकानदारों ने कहा है कि वैट की समस्या का समाधान होने के बाद ही वे नए दर पर शराब का उठाव करेंगे। रांची में सबसे अधिक 150 खुदरा शराब दुकानों की बंदोबस्ती हुई है।
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सभी प्रक्रिया पूरी की जा रही है एक सितंबर से होगी बिक्री
विभाग की ओर से सभी प्रक्रिया की जा रही है। रांची में जिन दुकानों का आवंटन किया गया है उनकी ओर से सिक्यूरिटी मनी और लाइसेंस फीस जमा करा दी गई है। 30 सितंबर से सभी नई निजी दुकानों का विभाग की ओर से साइट वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। एक सितंबर से हर हाल में रांची की सभी खुदरा शराब दुकानों में शराब बिक्री शुरू हो जाएगी।
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वैट की समस्या का हल नहीं होने तक नहीं होगा उठाव
झारखंड शराब व्यापारी संघ के महासचिव सुबोध जायसवाल ने बताया कि वैट से जुड़ी समस्या की वजह से एक-दो सितंबर को खुदरा दुकानदार जेएसबीसीएल से शराब का उठाव नहीं करेंगे। एक सितंबर से वैट की दर 75 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं 75 प्रतिशत से ज्यादा मल्टीपल टैक्स लगा दिया गया है। जब तक नई लेबलिंग नहीं हो जाती, व्यापारी माल का उठाव नहीं कर पाएंगे। इसलिए एक या दो सितंबर को खुदरा दुकानों में समस्या आएगी।




