रांचीः सिल्ली प्रखंड अंतर्गत गोडाडीह पंचायत क्षेत्र में स्थित खेरबैड़ा डैम जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण अचानक ध्वस्त हो गया। प्राकृतिक जंगल के बीच स्थित इस डैम के टूटने से गोडाडीह, सातपालु, रायकोचा सहित आसपास के कई क्षेत्रों में पानी फैल गया, जिससे बड़ी मात्रा में धान की फसल एवं अन्य कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा है।

रांची: सिल्ली में खेरबैड़ा डैम हुआ ध्वस्त
डैम के टूटने से गोडाडीह, सातपालु, रायकोचा सहित आसपास के कई क्षेत्रों में पानी फैला https://t.co/H9LgdxHCc8
— Live Dainik (@Live_Dainik) October 4, 2026
डैम के ध्वस्त होने के कारण लोटा-गोडाडीह मुख्य मार्ग भी कई घंटों तक प्रभावित रहा, जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।तेज बहाव के साथ पानी गांवों में घुस गया, जिससे सैकड़ों किसानों की फसलें डूब गईं। उपजाऊ मिट्टी बह गई। पानी का असर खैरबेड़ा, बाह्मानी, गोंडाडीह नायकटोला, पेंटोला, बांसटोला, सातपालु, सीधाबगाना और पलासडीह समेत आसपास के क्षेत्रों में पड़ा है। घटना में कई मवेशी, बड़ी संख्या में बत्तखें व हजारों की मछलियां बह गईं। कुछ घरों में भी पानी घुस गया है। पांच गांवों के करीब 22 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। पिछले दिनों हुई भारी बारिश से डैम लबालब भर गया था और इसके टूटने की आशंका पहले से थी। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2010-11 में जल संसाधन विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया था। पूर्व मुखिया डब्लू महली समेत ग्रामीणों ने सिल्ली प्रशासन और बीडीओ को जानकारी दे दी है।
इसके बाद गोंडाडीह मुखिया सावन देवी, सुखराम बेदिया, सुभाष महतो, श्रीधर महतो और मुरलीधर घटवार समेत कई ग्रामीणों ने स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावितों को तुरंत मुआवजा देने की मांग की है।
खैरबेड़ा और सातपालु गांव में कई घर जलमग्न
डैम का बांध टूटने से खैरबेड़ा गांव में प्रयाग बेदिया, सोमरा मुंडा, रामधन मुंडा और सोखा महतो के घरों में पानी भर गया। वहीं सातपालु गांव में तपेश्वर महतो, धीरेंद्र महतो, देवेंद्र महतो और संतोष महतो के घर भी पानी की चपेट में आ गए। पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।





