रांचीः JSSC- CGL मामले की जाँच कर रही CID ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों, सोमेश प्रकाश और राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी वेबएल कंपनी में परीक्षा प्रक्रिया के तकनीकी और प्रबंधकीय कार्यों से जुड़ी एजेंसी ‘वेबेल’ के लिए काम देखते थे। दोनों को सीआईडी लेकर रांची पहुंची और उन्हें रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में प्रस्तुत करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया है।दोनों ही आरोपित परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलोजी के नहीं हैं, बल्कि इस एजेंसी के माध्यम से दिए गए कार्य से जुड़े थे।
गिरफ्तार सोमांश प्रकाश मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज थाना क्षेत्र के मॉडर्न आईटीआईएएस कॉलेज के समीप असकामिनी नगर का रहने वाला है और वर्तमान में सेंट्रल दिल्ली जिले के बुराड़ी थाना क्षेत्र के हाउस नंबर सी-81, अपर ग्राउंड फ्लोर, पर्वतीय अंचल संत नगर बरारी में रहता था।वहीं, उसका सहयोगी दूसरा आरोपित राहुल कुमार मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के चांदसराय का निवासी है और वर्तमान में सोमांश प्रकाश के साथ ही दिल्ली स्थित उसके उक्त आवास में रहता था।
गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 21 सितंबर 2024 व 22 सितंबर 2024 को आयोजित झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी ने एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 को प्राथमिकी दर्ज की थी।इसके बाद से ही सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है। सीआईडी ने इससे पहले इस केस से जुड़े दो आरोपितों मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी के भाई अक्षय तिवारी व उसकी पत्नी सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किया था।
परीक्षाओं से जुड़ी एजेंसियों व उनके संचालकों, सहयोगियों के ट्रांजेक्शन की जांच कर रही सीआईडी
सीआईडी ने जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी तीन एजेंसियों के विरुद्ध अपनी जांच को तेज की है।
इन एजेंसियों में जेपीएससी से संबद्ध मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड तथा जेएसएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।दो एजेंसियों के संचालकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी से जुड़े मिथिलेश सिंह व उनके सहयोगियों की सीआईडी तलाश कर रही है। सीआईडी की अब तक की जांच में गिरफ्तार आरोपितों ने परीक्षाएं पास कराने के लिए लेनेदेन की बात स्वीकार कर ली है।

बेंगाबाद से एक अभ्यर्थी हिरासत में
इधर, परीक्षा में कथित धांधली को लेकर सीआईडी ने गुरुवार रात बेंगाबाद से एक अभ्यर्थी समीर कुमार को हिरासत में लिया है। टीम उसे अपने साथ ले गई। हालांकि सीआईडी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की। बताया जा रहा है कि समीर कुमार फिलहाल रांची सचिवालय में कार्यरत है। सीआईडी की टीम गुरुवार रात गिरिडीह व बेंगाबाद पुलिस के साथ उसके घर पहुंची, जहां से उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने उसका मोबाइल और दस्तावेज भी जब्त कर लिया है। इससे पहले सीआईडी ने मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बेंगाबाद के हथबोर स्थित ससुराल में उसके ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।







