JPSC परीक्षा धांधली: मनोज तिवारी एजेंसी का दुलारा, निर्णय लेने के सारे अधिकार थे, पत्नी और भाई भी बने अधिकारी

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July 24, 2026

JPSC परीक्षा धांधली: मनोज तिवारी एजेंसी का दुलारा, निर्णय लेने के सारे अधिकार थे, पत्नी और भाई भी बने अधिकारी

रांचीः जेपीएससी की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में परीक्षा का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर व अधिकृत प्रतिनिधि मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी पर सीआईडी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सीआईडी ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मनोज तिवारी ये जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। सीआईडी अब मनोज तिवारी को एक सप्ताह की रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। टीम उस पर लगे सभी आरोपों की पर उससे सवाल-जवाब करेगी। सीआईडी को मिली शिकायत के अनुसार, उस पर संगठित परीक्षा सिंडिकेट चलाने, ओएमआर शीट बदलने, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में छेड़छाड़ और अभ्यर्थियों से सौदेबाजी कर करोड़ों रुपए ऐंढने के गंभीर आरोप हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी का फर्जी लाभ लेने वाला मनोज तिवारी आज करोड़ों रुपए की अचल संपत्तियों का मालिक है। अब मामले पर सीआईडी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
अभय का भाई व पत्नी भी बने अधिकारी इसकी भी सीआईडी कर रही जांचः सीआईडी को जांच के दौरान जानकारी मिली है कि जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में अभय तिवारी के भाई और पत्नी ने भी सफलता हासिल की है। सीआईडी की टीम जांच कर रही है कि क्या यह बात सही है। अगर पुष्टि होती है कि दोनों को सफलता मिली है तो इनकी नियुक्ति पर भी तलवार लटक सकती है।
आरोप है कि अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी प्रत्येक परीक्षाओं में बेहतर रैंक लाकर अभ्यर्थियों को दिखाता था कि उसी तरह वह उन्हें भी पास करवा देगा। इसके एवज में वह अभ्यर्थियों से पैसे भी ऐंठता था।ओएमआर शीट में हेराफेरी, फर्जी प्रमाण पत्र आदि बनाकर उसने बड़ी संपत्ति अर्जित की है। अब सीआईडी की छानबीन में उसके सभी काले करतूत खुलेंगे।जल्द ही रिमांड पर पूछताछ में सीआईडी उससे वित्तीय लेन-देन के सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाएगी। मनी ट्रेल के बिंदु पर ईडी भी इस पूरे प्रकरण में एंट्री मार सकती है।
सीआईडी की ओर से चल रही कार्रवाई पर ईडी की भी नजर है। सीआईडी में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी पीएमएल अधिनियम के तहत इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज कर सकती है।सीआईडी को सूचना मिली है कि आरोपित मनोज तिवारी व उसके सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों के लिए रिश्वत तय कर रखी थी। पीटी पास कराने के लिए पांच लाख व अंतिम रूप से चयन होने पर 25 लाख की राशि तय थी।
कौन-कौन सी परीक्षाओं में मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी का क्या रहा था रैंक?

  • झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में मनोज तिवारी का अनुक्रमांक 1237696 था। इस परीक्षा में उसे दूसरा स्थान हासिल हुआ था।
  • स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा 2023 (अंग्रेजी विषय) में मनोज कुमार तिवारी का अनुक्रमांक 10309146 था। इसमें भी वह सफल हुआ। इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय) के आदेश पर उसका पदस्थापन 2 उच्च विद्यालय सिमरा (देवघर) में करते हुए उसे रांची के स्कूल आर. मित्रा जिला सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस में प्रतिनियुक्त दिखाया गया।
  • सहायक वन संरक्षक (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 में मनोज तिवारी का अनुक्रमांक 24300086 था। इसमें भी वह सफल हुआ।
  • वन क्षेत्र पदाधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 की प्रारंभिक परीक्षा में भी मनोज तिवारी का अनुक्रमांक 24400147 था। इसमें भी वह उत्तीर्ण हुआ था।
  • खाद्य सुरक्षा अधिकारी लिखित परीक्षा 2023 में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) के पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में मनोज तिवारी का अनुक्रमांक 23180018 था। इसमें भी वह सफल हुआ था।
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