रांचीः झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेट)-2024 अब तक न होने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जेपीएससी से पूछा कि जेट की तिथि क्या है। इसके लिए क्या-क्या तैयारी की गई है।
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जेपीएससी के अपर सचिव ने बताया कि परीक्षा मार्च में संभावित है। लेकिन कोर्ट ने इसे टालमटोल का संकेत माना। मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि इस परीक्षा के लिए 1.75 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया है। दिसंबर 2025 में आवेदन की तिथि खत्म हो गई। फिर ढाई महीने बाद भी परीक्षा क्यों नहीं ली गई। लगता है कि आयोग इस मामले में गंभीर नहीं है। अब अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि असिस्टेंट प्रोफेस और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जेट का मामला उठा। याचिकाकर्ता अनिकेत ओहदार की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि रांची यूनिवर्सिटी में लंबे समय से असिस्टेंट प्रोफेसर और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। इससे कॉन्ट्रैक्ट और घंटी आधारित शिक्षकों को नियुक्ति किया जा रहा है।
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हाईकोर्ट ने 14वीं जेपीएससी नियुक्ति परीक्षा में उम्र सीमा में छूट की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 अभ्यर्थियों का आवेदन लेने का निर्देश दिया। जस्टिस आनंद सेन की कोर्ट ने कहा कि 14 फरवरी तक इनका आवेदन स्वीकार करें। हालांकि इनका अंतिम परिणाम कोर्ट के आदेश से प्रभावित होगा। कोर्ट की अनुमति के बिना इनका रिजल्ट जारी नहीं होगा।


